
Govt is on credit, fiscal deficit crossed Rs 6.62 lakh crore in Q1
नई दिल्ली। केंद्र सरकार कर्ज भरोसे ( Indian Govt on Credit ) पर चल रही है। यह बात हम नहीं बल्कि सरकार द्वारा जारी आंकड़े बयां कर रहे हैं। वास्तव में देश का चालू वित्त वर्ष का राजकोषीय घाटा ( Fiscal Deficit ) अनुमान के 82.2 फीसदी यानी 6.62 लाख करोड़ रुपए के लेवल पर आ गया है। जिसकी मुख्य वजह कोरोना वायरस लॉकडाउन ( Coronavirus Lockdown ) के कारण टैक्स कलेक्शन ( Tax Collection ) में कमी आना है। इसी कारण से केंद्र सरकार पीएसबी और पीएसयू के निजीकरण पर जोर दे रही है। ताकि सरकार के पास कुछ फंड एकत्र हो सके। आपको बता दें कि बीते वित्त वर्ष की समान अवधि में यह राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के 61.4 फीसदी के स्तर पर था।
वास्तविक लक्ष्य से किना हुआ घाटा
देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से आम बजट में चालू वित्त वर्ष के लिये राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 7.96 लाख करोड़ रुपए यानी जीडीपी का का 3.5 बताया था। वैसे इन आंकड़ों में कोरोना संकट पैदा हुए आर्थिक रोड़ों को हटाकर संशोधन किया जा सकता है। कैग की रिपोर्ट के अनुसार जून 2020 के अंत तक राजकोषीय घाटा 6,62,363 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। अगर बात बीते वित्त वित्त वर्ष की करें तो राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.6 फीसदी लेवल पर था जो जो 7 साल का उच्च स्तर था। कैग के आंकड़ों की मानें तो इस साल सरकार की राजस्व प्राप्ति 1,50,008 करोड़ रुपए यानी बजट अनुमानों का 7.4 फीसदी है। जबकि बीते वर्ष समान अवधि में 14.5 फीसदी थी।
रेवेन्यू में आई कमी
- पहली तिमाही में सरकार को टैक्स रेवेन्यू 1,34,822 करोड़ रुपए यानी बजट अनुमान का 8.2 फीसदी है।
- बीते वित्त वर्ष की समान अवधि में टैक्स रेवेन्यू 15.2 फीसदी था।
- सरकार की कुल प्राप्तियां बजट अनुमान का 6.8 फीसदी यानी 1,53,581 करोड़ रुपए है।
- बजट में सरकार ने कुल प्राप्तियों का अनुमान 22.45 लाख करोड़ रुपए आंका गया था।
- जून तिमाही में सरकार का कुल खर्च 8,15,944 लाख करोड़ रुपए यानी बजट अनुमान का 26.8 फीसदी हैै।
- बीते वित्त वर्ष की समान अवधि के दौरान सरकार का कुल खर्च 25.9 फीसदी था।
Published on:
01 Aug 2020 01:38 pm
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