2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

थोक महंगाई दर से सरकार को मिली राहत, अप्रैल में घटकर 3.07 फीसदी पर पहुंची

मार्च के महीने में थोक महंगाई दर 3.18 फीसदी थी सब्जियों की कीमतों में 40.65 फीसदी का इजाफा खाद्य पदार्थों की महंगाई बढ़कर 4.95 फीसदी पहुंची

less than 1 minute read
Google source verification
WPI

थोक महंगाई दर से सरकार को मिली राहत, अप्रैल में घटकर 3.07 फीसदी पी पहुंची

नई दिल्ली। थोक कीमतों पर आधारित देश की वार्षिक महंगाई दर अप्रैल में घटकर 3.07 प्रतिशत रही। यह मार्च में 3.18 फीसदी थी। थोक महंगाई के कम होने का सबसे बड़ा कारण मैन्यूफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की कीमतों में कमी को माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर सब्जियों की थोक कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। आपको बता दें कि इससे पहले आई खुदरा महंगाई दर में इजाफा देखने को मिला है। खुदरा महंगाई दर छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

सब्जियों के थोक दामों में हुआ इजाफा
मंगलवार को जारी थोक महंगाई के आंकड़ों के अनुसार सब्जियों की कीमतों में 40.65 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। मार्च के महीने में सब्जियों की थोक महंगाई दर 28.13 फीसदी थी। वहीं दूसरी ओर अप्रैल के महीने में खाद्य पदार्थों की महंगाई बढ़कर 4.95 फीसदी हो गई है। मार्च के महीने में यही 3.89 फीसदी थी। इसके अलावा गैर खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 2.83 फीसदी से बढ़कर 5.23 फीसदी हो गई है। मैन्यूफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की महंगाई दर की बात करें तो मार्च के मुकाबले कम होकर 1.72 फीसदी पर आ गई है।

खुदरा महंगाई दर में हुआ है इजाफा
वहीं इससे पहले सोमवार को अप्रैल माह की खुदरा महंगाई दर के आंकड़े सामने आए थे। जिसके खाद्य पदार्थों की कीमतों में इजाफा होने के कारण खुदरा महंगाई 2.92 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जो 6 महीने उच्चतम स्तर है। वहीं मार्च के महीने में खुदरा महंगाई दर का आंकड़ा 2.86 फीसदी। आपको बता दें कि जून में आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक होगी। जिसमें खुदरा महंगाई दर पर फैसला लिया जाएगा। अभी आरबीआई ने खुदरा महंगाई को 4 फीसदी पर बनाए रखने का आदेश दिए हुए हैं।