
सालों पहले अटल जी के इस आइडिया को अब मोदी और जेटली ने किया कैश, बना डाला देश का सबसे बड़ा रिफॉर्म
नई दिल्ली।मोदी सरकारजीएसटी को अपनी सबसे बड़ी कामयाबी बोलती हैं। हाल ही में जीएसटी के एक साल पूरे होने पर सरकार ने इसकी कामयाबी का जश्न भी मनाया था। सरकार जीएसटी को ईमानदारी का उत्सव बोलती है। लेकिन क्या आप जानते है की जीएसटी को लाने का आइडिया किस का था। जी हां वो और कोई नहीं बल्कि अटल जी ही हैं। सच यह है कि एक राष्ट्र, एक कर की अवधारणा पर शुरुआती काम अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते हुए ही हुआ था।
2000 में वाजयेपी सरकार ने बनाई थी कमिटी
साल 2000 में वाजयेपी सरकार ने जीएसटी का मॉडल डिजाइन करने के लिए तत्काली फाइनैंस मिनिस्टर असीम दासगुप्ता की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी। वाजपेयी देश में टैक्स की व्यास्था को सुधारना चाहते थे। लेकिन कई करणों के चलते उस वक्त इसे लाया नहीं जा सका। लेकिन जीएसटी को भारत लाना अटल बिहारी वाजेपेयी का सपना था। इस बात को खुद अरुण जेटली ने कहा था। पिछले दिनों संसद में अरुण जेटली ने भी संसद में भाषण देते हुए कहा था कि जीएसटी के जरिए अटल जी का सपना पूरा हुआ है। उन्होंने कहा था कि इस खाका अटल जी ने ही तैयार किया था, लेकिन 2004 में सरकार बदलने के बाद जीएसटी लागू करने की योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका।
पीएम मोदी लेकर आई जीएसटी
वाजयेपी के प्रधानमंत्री रहते हुए तो जीएसटी को लाया नहीं जा सका। लेकिन जब वापस में केंद्र में बीजेपीकी सरकार आई और नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने अटल का ये सपना पूरा किया। 2014 में दिसंबर में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संविधान संशोधन बिल पेश किया। 2015 में लोकसभा ने जीएसटी बिल को पास कर दिया। इसके बाद बिल को राज्यसभा की समिति के पास भेज दिया गया। 2016 में राज्यसभा ने इस बिल को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही राज्यों और केंद्र सरकार के साथ टैक्स की दरें तय करने और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर सर्वसम्मति बनाने के लिए बनी जीएसटी काउंसिल ने अपना काम करना शुरू कर दिया। सभी मुद्दों पर आम सहमति बनाने में समय लगा और देश में 1 जुलाई 2017 से जीएसटी लागू हुआ।
Published on:
17 Aug 2018 11:37 am
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