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GST कानून में बदलाव के लिए 46 प्रस्ताव तैयार, ट्रांसपोटर्स को होने वाला है ये फायदा

सरकार ने जीएसटी कानून में संशोधन के लिए कुल 40 से अधिक प्रस्तावों को तैयार किया है।
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नई दिल्ली

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Ashutosh Kumar Verma

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Updated: 11 Jul 2018, 10:21 AM IST

GST

GST कानून में होने वाले हैं कर्इ बदलाव, परिषद ने संशोधन के लिए तैयार किया प्रस्ताव

नर्इ दिल्ली। सरकार ने जीएसटी को लागू तो कर दिया हैं लेकिन इसकी खामियों ने लोगो को परेशान कर रखा हैं। इन्हीं खामियों को दूर करने और लोगों की परेशानियों को कम करने के लिए सरकार ने जीएसटी कानून में संशोधन के लिए कुल 40 से अधिक प्रस्तावों को तैयार किया है। जीएसटी काउंसिल ने सोमवार को कानून में होने वाले संशोधन ड्राफ्ट के बारे में जानकारी दी। प्रस्ताव में एजुकेशन सेस, कृषि कल्याण सेस आैर अन्य अतिरिक्त उत्पाद शुल्क पर इनपुट क्रेडिट को लेकर भी संशोधन शामिल है। ऐसा कहा जा रहा है की जीएसटी कानून में होने वाले संशोधनों को आने वाले माॅनसून सत्र में संसद में पेश किया जाएगा।


अंतिम रूप दिया जाना बाकी

अापको बता दें कि सरकार ने जीएसटी कानून आैर राजस्व क्षतिपूर्ति कानून में कुल 46 संशोधनाें का प्रस्ताव तैयार किया है। इस संशोधन में नए रिटर्न फाइलिंग नियम, रजिस्ट्रेशन रद्द करना आैर अलग-अलग क्षेत्रों में कारोबार कर रही कंपनियों के लिए रजिस्ट्रेशन आैर एक बार में सभी डेबिट-क्रेडिट नोट के बारे में प्रस्ताव है। ज्ञात हो कि केन्द्र सरकार ने 15 जुलार्इ तक इससे जुड़े सभी पक्षों से प्रतिक्रिया मांगी है। अभी इसे राजस्व विभाग द्वारा अंतिम रूप दिय जाना बाकी है जिसके बाद इसे जीएसटी काउंसिल के सामने रखा जाएगा। जीएसटी काउंसिल से पास होने क बाद इसे संसद आैर सभी विधानमंडलों में पेश किया जाएगा।


क्या है प्रस्ताव

नए संशोधन के तहत अब नियोक्ता अपने कर्मचारियों को यदि खाना-पीना, परिवहन आैर जीवनबीमा जैसी सुविधााआें पर जीएसटी चुकाते हैं तो उसे इसके लिए इनपुट क्रेडिट क्लेम करने की सुविधा मिलेगी। इंडिया इंक ने सेस क्रेडिट के ट्रांसफर को लेकर जो भी डिमांड किया था, उसे इस प्रस्ताव में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि कारोबार में राहत के लिए कुछ बदलाव किए गए हैं। संशोधन के तहत यदि किसी भी र्इ-काॅमर्स कंपनी का सालाना कारोबार 20 लाख रुपये से कम से है तो उसे जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही इन्हें धारा 52 के तहत स्त्रोत पर कटौती की जरूरत नहीं होगी।


नए प्रस्ताव से इन्हें भी मिलेगी राहत

संशोधन के दूसरे प्रस्तावों में 13 सीट से अधिक की पैसेंजर गाडियाें, डम्पर आैर ट्रकों को भी टैक्स क्रेडिट क्लेम करने के सुविध दी जाएगी। इसके साथ ही वेयरहाउस में पड़े सामानों पर केवल एक ही बार टैक्स लगेगा। इस मामले से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस प्रस्ताव में कर्इ अहम पहलुआें पर ध्यान तो दिया गय है लेकिन अभी भी कुछ अहम मुद्दों का जिक्र नहीं किया गया है।