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मोदी ने किया 20 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान, जानें कहां से होगा इंतजाम

20 करोड़ के पैकेज के लिए कहां से आएगा पैसा ? क्या जर्मनी और अमेरिका की तरह आम आदमी के हाथ में दिया जाएगा पैसा? सरकारी खजाने की हालत है खराब

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spl economic relief package

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) ने कल रात कोरोनावायरस ( COVID-19 ) से जंग लड़ रहे देश की आर्थिक व्यवस्था को मजतबूत बनाने के लिए 20 लाख करोड़ के पैकेज ( 20 lakh cr economic package ) का ऐलान किया है। मोदी के इस ऐलान के बाद से उद्योग जगत से लेकर आम आदमी सभी खुश हैं लेकिन GDP के 10 फीसदी बराबर का ये पैकेज असल में राहत किसे पहुंचाएगा ? क्या विदेशों की तर्ज पर मोदी सरकार लोगों के हाथ में डायरेक्ट आर्थिक मदद पहुंचाएगी ? सबसे बड़ा सवाल राजस्व घाटे के बोझ तले दबी हमारे सरकारी खजाने में इस आर्थिक पैकेज ( economic relief package ) के लिए पैसा कहा से आएगा? अगर आपके दिमाग में भी यही सारे सवाल लगातार आ रहे हैं तो हम आपको बता दें कि भले ही एक्सपर्ट्स डायरेक्ट हेल्प की बात कर रहे हों लेकिन मोदी सरकार हाथ में पैसे नहीं देगी। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण से स्पष्ट कर दिया है कि सरकार लेबर, लैंड, लॉ में सुधार करेगी और लिक्विडिटी को सपोर्ट करेगी।

सरकार किस जगह कितना पैसा देगी इस बात का खुलासा शाम 4 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी लेकिन उसके पहले हम आपको बताते हैं कि सरकार पैसे का इंतजाम कहां से कर सकती है। यहां एक और बात ध्यान दे वाली है कि आज सरकार 20 नहीं 13.5 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान करेगी क्योंकि बाकी की राशि सरकार पहले ही पैकेज और rbi के माध्यम से अर्थव्यवस्था में डाल चुकी है।

कर्ज लेगी सरकार- सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए बाजार से कर्ज लेने का लक्ष्य बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। खास बात ये है कि ये कर्ज बजट में निर्धारित 7.8 लाख करोड़ से 4.2 लाख करोड़ ज्यादा है। सरकार ने इस बात की घोषणा मई में ही की है। पहली छमाही में 6 लाख करोड़ रुपये मार्केट गिल्ट (बॉन्ड) के रास्ते से जुटाई जाएगी। इस पैसे को कोरोना से इकोनॉमी को बचाने पर खर्च किया जाएगा।

रिजर्व बैंक करेगा सरकार की मदद-

कोरोना की इस जंग में सरकार की मदद के लिए एक बार फिर RBI आगे आ सकता है । मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से 45 हजार करोड़ की मदद मांगने की तैयारी कर ली है।

कर्ज के अलावा सरकार एलटीसीजी ( LTCG ) से टैक्स हटेगा। फिर डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूश टैक्स कॉर्पौरेट टैक्स में जुड़ जाएगा। जीएसटी को 6 महीने का मोराटोरियम दिया जा सकता है, इन सबसे सरकार को 6 लाख करोड़ तक मिल सकता है।

स्पेशल बजट भी ला सकती है सरकार- आपातकालीन स्थिति में सरकार अगर कोविड-19 सेपेशल बजट लाती है तो इसके जरिए भी सरकार कुछ घोषणाएं कर सकती है।