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RBI का खुलासा,बाजार में धड़ल्ले से मिल रहा है 50 और 100 रुपए के नकली नोट

चाहे दुकानदार हो या फिर आम नागरिक सभी 500 और 2000 रुपये के नोट को लेते समय उसके नकली और असली की पहचान जरूर करते हैं,

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सावधान: बाजार में धड़ल्ले से मिल रहा है 50 और 100 रुपए के नकली नोट, RBI ने किया खुलासा

नई दिल्ली। चाहे दुकानदार हो या फिर आम नागरिक सभी 500 और 2000 रुपये के नोट को लेते समय उसके नकली और असली की पहचान जरूर करते हैं, लेकिन 50 रुपये और 100 रुपये का नोट नकली है या नहीं इसको शायद ही कोई देखता हो। इसी फायदा उठाकर लोग 50 रुपये और 100 रुपये के नकली नोट भारी मात्रा में चला रहे हैं। साल 2017-2018 में 50 रुपये और 100 रुपये के नकली नोटों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है. इसका खुलासा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की एक रिपोर्ट में हुआ है।

क्या कहती है rbi की रिपोर्ट

RBI की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल कुल 5,22,783 (संख्या) नकली नोट पकड़े गए। इसमें से 63.9 फीसदी नकली करेंसी बैंकों ने पकड़ी. रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें सबसे ज्यादा प्रतिशत नकली नोटों की है. साल 2017-18 में 100 रुपये के नकली नोट में 35 फीसदी का इजाफा हुआ है. 2016-17 में 100 रुपये के 1,77,195 नकली नोट पकड़े गए थे। जो कि 2017-18 में बढ़कर 239,182 हो गए। वहीं, 50 रुपये के नकली नोटों की संख्या में 154.3 फीसदी की बढ़त आई है। साल 2016 -17 में 50 रुपये के 9,222 नकली नोट पकड़े गए थे, जबकि 2017-18 में इनकी संख्या बढ़कर 23,447 हो गई.

200 के भी नकली नोट बनने हुए शुरु
इतना ही नहीं लोगों ने 200 रुपये के नकली नोट बनाने भी शुरू कर दिया है. बैंकों द्वारा अभी तक 200 रुपये के 79 नकली नोट पकड़े गए हैं। हालांकि नए 500 और 2000 रुपये के नकली नोटों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। साल 2017-18 में 500 रुपये के 9,892 नकली नोट भी पकड़े गए हैं। वहीं, 2000 रुपये के पकड़े गए नकली नोटों की संख्या 17,929 है. 2017-18 में 2 रुपये का एक और 1 रुपये 4 नकली नोट पकड़े गए हैं।

इतने रुपए आए वापस

आरबीआर्इ की आर्इ रिपोर्ट को मानें तो देश में आरबीआर्इ ने 1000 आैर 500 रुपए के 15 लाख 44 हजार करोड़ रुपए बंद कर दिए थे। इसका मतलब ये है कि जब नोटबंदी हुर्इ तो देश में 1000 आैर 500 रुपए के 15 लाख 44 हजार करोड़ रुपए संचालित थे। उस समय सरकार आैर आरबीआर्इ का मानना था देश में कालाधन काफी बढ़ गया है। जिसका सबसे बड़ा स्रोत 500 आैर 1000 रुपए के नोट हैं। वहीं कुछ दिनों के बाद देश के कुछ राज्यों में चुनाव होने वाले थे। जिसमें प्रमुख राज्य उत्तर प्रदेश था। सरकार मानना था कि चुनावों में इस कालेधन के इस्तेमाल से वोटर्स को प्रभावित करने की कोशिश की जाएगी। जिसके बाद यूपी में कर्इ सालों के बीजेपी की सरकार बनी थी।