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चीन के मुकाबले 56 गुना कम है भारत के पास विदेशी दौलत

चीन का विदेशी मुद्रा भंडार 32.165 खरब अमेरिकी डॉलर पहुंचा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 585.32 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर

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Saurabh Sharma

Jan 10, 2021

Forex reserves rise 7th consecutive week, close to 573 billion dollar

Forex reserves rise 7th consecutive week, close to 573 billion dollar

नई दिल्ली। इकोनॉमी के लिहाज से भारत और चीन की तुलना करना ठीक तो नहीं है, फिर भी जब भारतीय इकोनॉमी की बात की जाती है तो उसे दुनिया की सबसे तेज उभरती हुई अर्थव्यवस्था कहा जाता है। वहीं दूसरी ओर चीन के साथ उसका सीधा मुकाबला है, वो भी तब जब दोनों देशों के बीच सीमाओं पर तनाव बना हुआ है। हाल ही में दोनों देशों की सरकारों की ओर से विदेशी मुद्रा भंडार यानी अमरीकी डॉलर के आंकड़ें जारी किए हैं। जिससे पता चलता है कि भारत के पास चीन के मुकाबले 56 गुना कम विदेशी मुद्रा भंडार है। आइए आपको भी बताते हैं कि दोनों देशों के पास कितनसा विदेशी मुद्रा भंडार है।

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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 01 जनवरी को समाप्त सप्ताह में 4.48 अरब डॉलर बढ़कर 585.32 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले 25 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में यह 29 करोड़ डॉलर घटकर 580.84 अरब डॉलर रह गया था। भारतीय रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 01 जनवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 4.17 अरब डॉलर बढ़कर 541.64 अरब डॉलर पर पहुंच गई।

इस दौरान स्वर्ण भंडार भी 31.5 करोड़ डॉलर की बढ़त के साथ 37.03 अरब डॉलर पर रहा। आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 5.15 अरब डॉलर और विशेष आहरण अधिकार 1.51 अरब डॉलर पर स्थिर रहा।

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चीन का विदेशी मुद्रा भंडार
चीनी राष्ट्रीय विदेशी मुद्रा प्रशासन द्वारा 7 जनवरी को जारी आंकड़ों के अनुसार, गत दिसंबर के अंत तक चीन का विदेशी मुद्रा भंडार 32.165 खरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो पिछले नवंबर के अंत से 38 अरब अमरिकी डॉलर अधिक रहा और वृद्धि दर 1.2 प्रतिशत है।अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय बाजार में कोविड-19 वैक्सीन की प्रगति, प्रमुख देशों की मुद्रा और राजकोषीय नीतियों से प्रभावित अमेरिकी डॉलर सूचकांक गिर गया, गैर-अमेरिकी डॉलर की मुद्राएं और प्रमुख राष्ट्रीय संपत्ति की कीमतें बढ़ी हैं।

चीन के मिन शेंग बैंक के प्रमुख शोधकर्ता वन बिन का विचार है कि इस महीने विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि के मुख्य कारणों में से एक है वैल्यूएशन बदलाव। उन्होंने यह भी कहा कि 2020 चीन का विदेशी मुद्रा भंडार अपेक्षाकृत स्थिर रहा है। अगले चरण में, चीन का विदेशी मुद्रा भंडार स्थिर बना रहेगा।

दो फीसदी से भी कम
भले ही भारत का मौजूदा विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड लेवल पर हो, लेकिन मुकाबला चीन से करें तो भारत के पास 56 गुना कम विदेशी मुद्रा भंडार है। चीन के आंकड़ों के अनुसार 3,21,65,00,00,00,000 यूएएस डॉलर है। जबकि भारत के पास विदेशी मुद्रा भंडार 5,85,32,00,00,000 यूएएस डॉलर है। दोनों के बीच का अंतर देखें तो करीब 56 गुना का देखने को मिल रहा है। जोकि काफी ज्यादा है। जिसे पाटने के लिए भारत को काफी वक्त लग सकता है।