
भारत-पाकिस्तान के बीच 37 अरब डाॅलर की व्यापार क्षमता- विश्व बैंक
नर्इ दिल्ली। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार क्षमता 37 अरब डॉलर की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि निरंतर राजनीतिक तनाव और दोनों देशों के बीच सामान्य व्यापार संबंधों की कमी ने दक्षिण एशियार्इ देशों के बीच सहयोग प्रयासों काे धूमिल किया है। सोमवार को विश्व बैंक ने 'A Glass Half Full: The Promise of Regional Trade in South Asia' नाम से एक रिपोर्ट जारी किया है। इस रिपोर्ट में कर्इ प्रमुख कारणों आैर एशियार्इ देशों के द्विपक्षीय व्यापार के उत्पाद जैसी महत्वपूर्ण बातों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत एवं पाकिस्तान, दोनों देशों के पास कुछ एेसे सामानों की एक लंबी लिस्ट है जिनपर ये टैरिफ प्रतिबंध को कम नहीं कर रहे हैं।
दोनों देशों ने लगाया है टैरिफ
पाकिस्तानी अखबार द डान ने इस रिपोर्ट पर कहा है कि इससे इन दोनों देशों के बीच सामान्य द्विपक्षीय व्यापार में कमी आर्इ है आैर कर्इ हार्इ वैल्यू ट्रेडिंग चेन को नुकसान हुआ है। मौजूदा समय में पाकिस्तान ने दक्षिण एशियार्इ मुफ्त व्यापार क्षेत्र (साफ्टा) देशों से आयात होने वाले कुल 936 सामानों पर 17.9 फीसदी टैरिफ लगाया है। वहीं भारत 25 सामानों पर 0.5 फीसदी टैरिफ लगाया है जिसमें अधिकतर अल्कोहल आैर फायरआर्म्स जैसे उत्पाद हैं।
व्यापार के मामले में पाकिस्तान नहीं बल्कि श्रीलंका पर है भरोसा
हालांकि पाकिस्तान आैर श्रीलंका के लिए भारत द्वारा टैरिफ लगाए जाने वाले सामानों की संख्या 64 है जिनपर 11.7 फीसदी टैरिफ है। लेकिन खासतौर पर ये पाकिस्तान के लिए अधिक प्रभावी हैं क्योंकि भारत-श्रीलंका मुफ्त व्यापार सहमति के तहत श्रीलंका पर भारत ने कम संवेदनशील सूची लागू किया है। इस सूची के सामान पाकिस्तान सहित कोर्इ भी साफ्टा देश सबसे पसंदीदा टैरिफ वाले देशों से आयात कर सकता है। एेसा इसलिए संभव है क्योंकि विश्व व्यापार संगठन में दोनों देशों के प्रवेश के तुरंत बाद भारत ने 1996 में पाकिस्तान को ये खास दर्जा दिया था।
तीसरे देशों के माध्यम से होता है व्यापार
हालांकि पाकिस्तान ने टैरिफ के मामले में भारत को सबसे पसंदीदा राष्ट्र या अपने डिस्क्रिमिनेटर मार्केट के लिए पहुंच की अनुमति नहीं दी है। लेकिन मौजूदा समय में इनमें से कर्इ सामना भारत से पाकिस्तान किसी तीसरे देश जैसे संयुक्त अरब अमीरात (यूएर्इ) के रास्ते निर्यात होते हैं। अटारी-वाघा बाॅर्डर के रास्ते पाकिस्तान केवल 38 सामानों के आयात की अनुमति देता है। ये भी ध्यान दी जाने वाली बात है कि इन कार्गो ट्रकों को बाॅर्डर क्षेत्रों से आगे ले जाने की अनुमति नहीं होती है। इससे व्यापारियों को अधिक समय आैर लागत खर्च करना पड़ता है।
Published on:
25 Sept 2018 03:40 pm
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