पांच साल के निचले स्तर पर फिसली GDP दर, मार्च 2019 तिमाही में रही 5.8

पांच साल के निचले स्तर पर फिसली GDP दर, मार्च 2019 तिमाही में रही 5.8

Ashutosh Kumar Verma | Updated: 01 Jun 2019, 07:51:42 AM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

  • वित्त वर्ष 2019 की चौथी तिमाही के लिए जारी आंकड़ों के अनुसार भारती GDP 5.8 फीसदी पर आ गई है।
  • पिछले वित्त वर्ष में मार्च 2019 के लिए चीन की आर्थिक ग्रोथ 6.4 फीसदी रही थी।
  • भारत की सालाना GDP बीते पांच साल में घटकर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई एनडीए सरकार की दूसरी पारी के पहले दिन ही झटका लग गया है। वित्त वर्ष 2019 की चौथी तिमाही के लिए जारी आंकड़ों के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था की सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP 5.8 फीसदी पर आ गई है। इसके पहले दिसंबर तिमाही में यह 6.6 फीसदी थी। बता दें कि न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अपने इकोनॉमिक सर्वे में अनुमान लगाया था कि मार्च 2019 में GDP 6.3 फीसदी रह सकती है।

यह भी पढ़ें - देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनीं निर्मला सीतारमण, जानिए JNU से लेकर नॉर्थ ब्लॉक तक का सफर

इसके पहले वित्त वर्ष में 7.2 फीसदी रही थी GDP

इस बड़ी गिरावट के साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ चीन से भी कम रह गई है। मार्च 2019 के लिए चीन की आर्थिक ग्रोथ 6.4 फीसदी रही थी। आज जारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2019 के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार 6.8 फीसदी ही रही। इसके साथ ही भारत की सालाना जीडीपी बीते पांच साल में घटकर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय सांख्यिकी विभाग ( CSO) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, रियल या इन्फ्लेशन एडजस्ट करने के बाद वित्त वर्ष 2018-19 के लिए GDP ग्रोथ 6.8 फीसदी रही है। इसके पहले वित्त वर्ष में यह 7.2 फीसदी रही थी।

यह भी पढ़ें - ILFS केस में SFIO ने दाखिल किया पहला चार्जशीट, ऑडिटर्स समेत पूर्व निदेशकों पर लगे गंभीर आरोप

वित्त वर्ष 2013-14 के बाद निचले स्तर पर GDP

गौरतलब है कि इसके पहले भारत के GDP का न्यूतम स्तर वित्त वर्ष 2013-14 में था। मार्च तिमाही के GDP डाटा की बात करें तो यह अप्रैल-जून 2018 के बाद सबसे न्यूनतम स्तर पर है। बता दें कि भारतीय अर्थव्यस्था में सुस्ती पिछले साल ही नजर आने लगा था। पिछले साल अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए GDP ग्रोथ घटकर 6.6 फीसदी रही थी। अर्थव्यवस्था की इस सुस्ती के बाद नवनिर्वाचित वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए बड़ी चुनौतियां सामने हैं।

Business जगत से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर और पाएं बाजार, फाइनेंस, इंडस्‍ट्री, अर्थव्‍यवस्‍था, कॉर्पोरेट, म्‍युचुअल फंड के हर अपडेट के लिए Download करें Patrika Hindi News App.

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned