Lockdown 2.0: देश के इन सेक्टर्स में देखने को मिल सकती है राहत, 20 अप्रैल तक का करें इंतजार

  • सर्विस सेक्टर से लेकर एफएमसीजी सेक्टर्स तक में देखने को मिल सकती है राहत
  • एल्कोहल इंडस्ट्रीज को ज्यादा से ज्यादा सैनिटाइजर्स बनाने की छूट मिलने की संभावना
  • पैकेजिंग इंडस्ट्रीज छूट देने में सरकार कर सकती है विचार, रिटेल स्टोर्स में भी राहत

By: Saurabh Sharma

Updated: 14 Apr 2020, 12:55 PM IST

नई दिल्ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लॉकडाउन 2.0 की घोषणा करने के साथ ही 20 अप्रैल के सशर्त राहत देने की भी बात कही है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने कहा है कि देश के 25 जिलो को ग्रीन यानी कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा बचने वाले जिलों को चिह्निन कर लिया है। 20 अप्रैल तक देश में ऐसे ही कुछ और जिलों को देखा जाएगा। जिसके बाद सशर्तत राहत दी जाएगी। अब सवाल ये है कि आखिर ऐसी कौन सी इंडस्ट्रीज और सेक्टर्स हो सकते हैं जिनको राहत मिलती हुई दिखाई दे सकती है। आइए आपको भी बताते हैं...

लॉजिस्टिक सेक्टर में देखने को मिल सकती है राहत
मौजूदा समय में लॉकडाउन की वजह से लॉजिस्टिक सेक्टर पर सबसे ज्यादा प्रेशर देखने को मिल रहा है। देशभर के सड़को पर ट्रक खड़े हुए हैं। वैसे जरूरी सामानों को लाने ले जाने में सरकार की ओर से राहत दी गई है, लेकिन पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की ओर से की जा रही है सख्ती वजह से काम पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार की ओर से लॉजिस्टिक सेक्टर में थोड़ी राहत की संभावना दिखाई देने को मिल सकती है। ताकि सामान को एक जगह से दूसरी जगह तक लाने ले जाने में किसी तरह की परेशानी ना ना हो।

एफएमसीजी सेक्टर्स
यह एक बड़ा सेक्टर है, जिसकी लॉकडाउन जैसी परिस्थितियों में महत्ता बढ़ जाती है। ऐसे सेक्टर्स पर प्रोडक्शन बढ़ाने का भी प्रेशर भी काफी होता है, लेकिन प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए सिर्फ मशीनों से काम नहीं चलता, उसके लिए वर्कर्स की भी जरुरत होती है। अगर देश में सामान की आपूर्ति सही रहे किसी चीज की कमी ना हो, इसके लिए निर्बाध रूप से प्रोडक्शन का चालू रहना रिना काफी जरूरी है। ऐसे में सरकार एफएमसीजी कंपनियों को प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए जरूरी छूट का ऐलान कर सकती है।

वेयरहाउसेज को मिलेगा सपोर्ट
देश में 19 दिनों का लॉकडाउन और बढ़ गया है, जिसकी वजह से देश में प्रोडक्शन को बढ़ाना और जरूरी है। ऐसे में सरकार को वेयरहाउस को भी सपोर्ट करना होगा। प्रोडक्शन करने के बाद सारा सामान वेयरहाउस पहुंचेगा। उसके बाद ही डिस्ट्रीब्यूट होने के लिए पूरे देश में जाएगा। ऐसे में सरकार वेयरहाउस को भी सपोर्ट करती हुई दिखाई दे सकती है। इससे देश में सामान भी खराब भी नहीं होगा और सामान को डस्ट्रिब्यूट करने में किसी तरह की परेशानी भी नहीं होगी।

रिटेल स्टोर्स और शॉप्स
देश में रिटेल शॉप्स को लेकर पहले ही छूट मिली हुई है, जहां सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे सरकार के नुमाइंदे, रिटेल स्टोर्स मालिक और आसपास के लोग सभी ध्यान दे रहे हैं। सबसे ज्यादा हालत खराब रिटेल स्टोर्स की है। जहां बेचने के लिए सामान की के साथ उसे खोलने की भी समस्या है। ऐसे में सरकार शॉप्स और स्टोर्स दोनों राहत देने पर विचार कर सकती ह। ताकि आम लोग सोशल डिस्टेंसिंग का ध्याल रखते घर का जरूरी सामान खरीद सकें।

फार्मा सेक्टर और मिले राहत
जैसा कि प्रधानमंत्री की ओर से अपने भाषण में खुद कहा कि देश में दवाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन मौजूदा समय में देश के सभी हॉस्पिटल में कोरोना मरीजों को ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। बाकी बीमारियों के मरीजों को थोड़ा दूर रहने की ही सलाह दी जा रही है। जैसा कि लॉकडाउन के पहले चरण में देश के सभी हॉस्पिटल की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। कोरोना के अलग से आइसोलेशन वॉर्ड भी बनाए जा चुके हैं। ऐसे में दूसरे मरीजों को भी प्राथमिकता में लेना काफी जरूरी हो गया है। दूसरी बीमारियों से संबंधित दवाओं का मेडिकल स्टोर्स में पहुंचना काफी जरूरी हो गया है। जिसके लिए सरकार लॉकडाउन के दूसरे चरण में छूट दे सकती है।

फूड डिलीवरी को बढ़ाएगी सरकार
देश में मौजूदा समय में सभी रेस्त्रां और होटल्स बंद हैं। सह सभी सीमित दायरे में ऑर्डर के माध्यम से भोजन की होम डिलीवरी कर रहे हैं। यह सुविधा भी देश के सभी हिस्सों में नहीं है। आने वाले दिनों में इसमें छूट मिलने की संभावना दिख रही है। खासकर देश के उन जिलों में जिन्हें सरकार 20 अप्रैल के बाद ग्रीन जोन में रखेगी। इससे देश के सर्विस सेक्टर में राहत देखने को मिल सकती है, इसमें नौकरियों में इजाफा होगा। जो देश की इकोनॉमी के लिए अच्छे संकेत भी होंगे।

पैकेजिंग इंडस्ट्री को राहत के संकेत
मौजूदा समय में होम डिलिवरी ज्यादा हो रही है, लोग अपने घर से सामान का ऑर्डर कर रहे हैं और सामान मंगा रहे हैं। ऐसे में पैकेजिंग इंडस्ट्री का महत्व ज्यादा बढ़ जाता है। पैकेजिंग इंडस्ट्री में प्लास्टिक का इस्तेमाल ज्यादा होता है। ऐसे में देश में प्लास्टिक पर लगे प्रतिबंधों पर राहत देखने को मिल सकती है। ताकि संकट इस घड़ी में सामान को आसानी से घरों तक आराम से पहुंचाया जा सके।

एल्कोहल इंडस्ट्री को सैनटाइजर्स बनाने में छूट
आने वाले दिनों में लॉकडाउन के दौरान एल्कोहल इंडस्ट्री का महत्व बढ़ता हुआ दिखाई दे सकता है। मौजूदा समय में जितनी भी कंपनियां सैनिटाइजर्स बना रही हैं वो देश की डिमांड को पूरा करने में सक्षम दिखाई नहीं दे रही हैं। जिसकी वजह से देश की एल्कोहल कंपनियों को सैनिटाइजर्स को बनाने की छूट दी जा सकती है। स्वास्थ जानकारों की मानें तो एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर्स मौजूदा समय में सबसे कारगर हैं।

क्या कहते हैं जानकार?
इस मामले में केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार कई चीजों और सेक्टर्स पर राहत 20 तारीख के बाद ही देखने को मिलेगी। क्योंकि मौजूदा समय में सरकार इस बात को देखने का प्रयास करेगी कि आखिर किस सेक्टर में कितनी और कैसी राहत दी जा सकती है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार पहले चरण के लॉकडाउन में इस बात को महसूस कर चुकी हैं कि किस सेक्टर में राहत देने की ज्यादा जरुरत है। इसलिए 20 अप्रैल तक का समय दिया गया है। वहीं कमोडिटीज एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि आने वाले दिनों देश सेक्टर्स को संभालना काफी जरूरी है। उन्होंने जो जरूरी सामानों का प्रोडक्शन कर रही हैं, उन्हें ज्यादा छूट देने की जरुरत है। वहीं इन जरूरी सामानों से जुड़े सेक्टर्स में छूट मिलना काफी जरूरी है।

Prime Minister Narendra Modi
Show More
Saurabh Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned