
महाराष्ट्र सरकार ने बंद की ये योजना, अब नहीं मिलेंगे 10 हजार रुपये प्रति माह
नई दिल्ली।
Maharashtra Govt Scraps Pension Scheme: महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को देश में 1975-1977 के आपातकाल ( Emergency ) के दौरान मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट ( MISA ) के तहत कैदियों के लिए शुरू की गई पेंशन स्कीम ( Pension Schemefor Prisoners ) को बंद कर दिया। राज्य सरकार जुलाई 2018 से लाभार्थियों पर सालाना 42 करोड़ रुपये खर्च कर रही थी। बता दें कि इस योजना को तत्कालीन भाजपा ( BJP ) शासन द्वारा लागू किया गया था। शुक्रवार को एक सरकारी प्रस्ताव ( GR ) में कहा गया कि योजना को COVID-19 महामारी के कारण हुए वित्तीय संकट के बीच "अनुचित व्यय" पर अंकुश लगाने के लिए लगाया गया था।
नहीं मिलेगी पेंशन
बता दें कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को आपातकाल के दौरान कारावास के लिए पेंशन के रूप में प्रति माह 10,000 रुपये मिल रहे थे। बता दें कि विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि फडणवीस सरकार ने उन कैदियों को लाभान्वित करने के लिए योजना शुरू की थी जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता थे।आपातकाल के दौरान केंद्र में सत्ता में रही कांग्रेस अब महाराष्ट्र में शिवसेना की अगुवाई वाली एमवीए सरकार का हिस्सा है।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ऊर्जा मंत्री नितीन राऊत ने पिछले साल नवंबर में तीन-पक्षीय महा विकास अघडी (एमवीए) सरकार के सत्ता में आने के तुरंत बाद योजना को खत्म करने की मांग की थी।
इन राज्यों में भी हुई बंद
बता दे कि इस साल जनवरी में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के दौरान आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (MISA) के रखरखाव के तहत हिरासत में लिए गए भाजपा के पूर्व प्रशासन द्वारा शुरू की गई पेंशन योजना को रद्द कर दिया है। इसी पिछले साल 29 दिसंबर को, मध्य प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को पूर्व MISA बंदियों का भौतिक सत्यापन करने और अभ्यास पूरा होने तक 25,000 रुपये की मासिक पेंशन वापस लेने का निर्देश दिया।
Updated on:
01 Aug 2020 01:56 pm
Published on:
01 Aug 2020 01:52 pm
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