
मोदी सरकार ने बदला मुद्रा का स्वरूप, जारी किए नए-नए सिक्के और नोट
कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सात साल के कार्यकाल में न केवल 500-1000 के प्रचलित नोट बंद किए गए, बल्कि प्रचलित मुद्रा में भी बड़ा बदलाव किया गया। देश में पहले से प्रचलित सभी तरह के एक रुपए के सिक्के से लेकर 2 हजार रुपए के नोट नई डिजाइन और फीचर के साथ जारी किए गए। नई सीरीज के नोट में उन प्राचीन धरोहरों को तवज्जो दी गई, जिन्हें यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया है। 7 मार्च 2019 को 1 से 20 रुपए तक के नए सिक्के जारी कर दिए गए। इसमें 12 कोनों वाला 20 रुपए का सिक्का पहली बार लोगों के हाथ में आया।
7 साल में 44 स्मारक सिक्के-
पीएम मोदी के कार्यकाल में 44 स्मारक सिक्के जारी हुए। इस सूची में पहले स्थान पर दिवंगत पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू की 125वीं जयंती व 44वें नंबर पर इस्कॉन संस्थापक प्रभुपाद की 125वीं जयंती पर जारी स्मारक सिक्का है। आजादी के बाद से कई तरह के स्मारक सिक्के जारी हुए हैं।
टकसाल करती है सिक्के का निर्माण-
ऐसे स्मारक सिक्के देश के लिए मुद्रा का निर्माण करने वाली संस्था भारत प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड बनाती है। यह भारत सरकार की मणिरत्न श्रेणी की कंपनी है। इसी के अधीन टकसाल जिस सिक्के का निर्माण करती है, वो इनको अंकित मूल्य से कई गुना अधिक प्रीमियम कीमतों पर बेचती है। इससे देश का राजस्व बढ़ता है।
पहली बार जारी हुआ संवेदना सिक्का -
देश में पहली बार जलियांवाला बाग नरसंहार की शताब्दी पर 2019 में 100 रुपए का संवेदना सिक्का जारी हुआ। विशेष अवसरों को यादगार बनाने के मकसद से कई तरह के स्मारक सिक्के देश में पहले जारी होते रहे हैं, लेकिन इनमें भी कुछ ऐसे नए मूल्यवर्ग के स्मारक सिक्के पहली बार मोदी के कार्यकाल में ही जारी हुए और इन सभी का अनावरण भी उन्होंने खुद किया। इसमें 125, 200, 250, 350, 500, 550 रुपए के सिक्के शामिल हैं।
Published on:
20 Sep 2021, 3:28 PM IST
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