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केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए मोदी सरकार का विदेशी सहायता से इनकार, विपक्ष ने किया पलटवार

प्रदेश में सत्ताधारी मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र के रुख पर नाराजगी जाहिर की है। पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी ने कहा कि विदेशी दान स्वीकार करने के लिए नियमों में परिवर्तन किया जाना चाहिए।
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Saurabh Sharma

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Aug 23, 2018

Kerala Flood

केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए मोदी सरकार का विदेशी सहायता से इनकार, विपक्ष ने किया पलटवार

नर्इ दिल्ली। बाढ़ की तबाही से जूझ रहे केरलवासियों के लिए विदेश सहायता मना करने से केंद्र सरकार को विरोधियों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। राजनीतिक दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार से प्रदेश में राहत कार्य के लिए विदेशी सहायता स्वीकार करने पर दोबारा विचार करने को कहा है। भारत द्वारा विदेशी सहायता स्वीकार करने से मना कर देने पर राज्य के राजनीतिक दलों के नेता नाखुश हैं और उनका कहना है कि केंद्र सरकार अपने फैसले पर दोबारा विचार करे।

पूर्व रक्षा मंत्री ने आलोचना
प्रदेश में सत्ताधारी मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र के रुख पर नाराजगी जाहिर की है। पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी ने कहा कि विदेशी दान स्वीकार करने के लिए नियमों में परिवर्तन किया जाना चाहिए। केंद्र द्वारा विदेशी मदद स्वीकार करने से मना करने की रिपोर्ट के बाद यह मसला गंभीर हो गया है क्योंकि पूर्व की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने ही राष्ट्रीय आपदाओं से निपटने में देश को सक्षम बताते हुए विदेशी सहायता नहीं लेने का फैसला लिया था और मौजूदा सरकार भी उस रुख पर कायम है।

700 करोड़ देने की पेशकश की थी
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने बाढ़ प्रभावित केरल में राहत कार्य के लिए मंगलवार को 10 करोड़ डॉलर (तकरीबन 700 करोड़ रुपये) की मदद की पेशकश की। मालूम हो कि यूएई में केरल के प्रवासी बहुतायत में हैं। उधर, नई दिल्ली में थाइलैंड के राजदूत ने केरल में बाढ़ राहत कार्य के लिए भारत द्वारा विदेशी मदद स्वीकार नहीं करने की बात ट्वीट के माध्यम से कही। चुटिंनटोर्न सैम गोंगस्कडी ने कहा, "अनौपचारिक रूप से यह बताते हुए खेद है कि केरल में बाढ़ राहत के लिए विदेशी मदद स्वीकार नहीं की जा रही है। हमारे दिल में आपके लिए सहानुभूति है, भारत के लोग!" बताया जाता है कि मालदीव और कतर ने भी राज्य को मदद की पेशकश की है।

सीएम करेंगे पीएम मोदी से बात
प्रदेश में बाढ़ की विभीषिका में मरने वालों की संख्या करीब 370 हो चुकी है और 3,000 से अधिक राहत शिविरों में लाखों लोग ठहरे हुए हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जरूरत पड़ी तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत करेंगे। उन्होंने यूएई की सदाशयता के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा नीति 2016 के अनुसार, विदेशी निधि स्वीकार की जा सकती है, इसलिए इसमें कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।

पूर्व सीएम मोदी लिखा पत्र
पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने भी केंद्र द्वारा कथित तौर पर यूएई की मौद्रिक मदद अस्वीकार करने पर हैरानी जाहिर की। चांडी ने मोदी को एक पत्र लिखकर कहा, "मुझे खेद है कि भारत सरकार द्वारा घोषित वित्तीय सहायता निराशाजनक है, क्योंकि संकट काफी जटिल है।" उन्होंने कहा कि केरल को संकट से उबरने के लिए समुचित मदद की आवश्यकता है। उन्होंने मोदी से आग्रह किया कि विदेशी मदद की राह में जो बाधाएं हैं उसे दूर किया जाना चाहिए।