
CRYPTOCURRENCY
नई दिल्ली: क्रिप्टोकरंसी ( CRYPTOCURRENCY ) बिटक्वाइन ( BITCOIN ) पूरी दुनिया में तेजी से पापुलर हो रहा है लेकिन इस करंसी के बारे में अभी तक किसी को किसी प्रकार की सिक्योरिटी नहीं है । यही वजह है कि RESERVE BANK OF india ने क्रिप्टोकरेंसी पर रोक के लिए सर्कुलर जारी किया था। जिसे 4 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ( supreme court ) के द्वारा निरस्त कर दिया गया था।
अब सरकार इस करंसी को रोकने के लिए वैधानिक रूप से कानून लाने ( BILL TO BAN CRYPTOCURRENCY IN INDIA ) की तैयारी है। ये कानून आरबीआई ( rbi ) के सर्कुलर से अलग होगा । सरकार इस बारे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सर्कुलर ( RBI CIRCULER ) के इतर प्रभावी कानूनी ढांचा बनाएगी। वित्त मंत्रालय ( FINANCE MINISTER ) द्वार अंतर मंत्रालयी परामर्श के लिए इस बारे में एक नोट जारी किया जा चुका है।
आपस में कैबिनेट स्तर ( cabinet ) पर विचार-विमर्श के बाद के इसे संसद ( parliament ) को भेजा जाएगा। एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर यह प्रस्ताव आरबीआई ( reserve bank of india ) की तर्ज पर होगी तो नया कानून क्रिप्टोकरेंसी के निवेशकों, एक्सचेंजों और बिटकॉइन ( bitcoin ) जैसी आभासी मुद्राओं में काम करने वाली संस्थाओं के लिए एक झटके तरह होगा ।
आपस में कैबिनेट स्तर ( cabinet ) पर विचार-विमर्श के बाद के इसे संसद ( parliament ) को भेजा जाएगा। एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर यह प्रस्ताव आरबीआई ( reserve bank of india ) की तर्ज पर होगी तो नया कानून क्रिप्टोकरेंसी के निवेशकों, एक्सचेंजों और बिटकॉइन ( bitcoin ) जैसी आभासी मुद्राओं में काम करने वाली संस्थाओं के लिए एक झटके तरह होगा
आपको बता दें कि जुलाई 2019 में क्रिप्टोकरेंसी ( cryptocurrency ) के ऊपर एक कानूनी मसौदा ( legal proposal ) तैयार किया गया था। जिसके तहत इसमें 25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और 10 साल कैद का प्रावधान था ।
Published on:
12 Jun 2020 08:52 pm
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