27 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CRYPTOCURRENCY पर रोक लगाएगी सरकार, बनेगा नया कानून

CRYPTOCURRENCY पर रोक लगाएगी सरकार कानून लाने की हो रही है तैयारी सुप्रीम कोर्टद ने रद्द कर दिया था आरबीआई का सर्कुलर

2 min read
Google source verification

image

Pragati Vajpai

Jun 12, 2020

CRYPTOCURRENCY

CRYPTOCURRENCY

नई दिल्ली: क्रिप्टोकरंसी ( CRYPTOCURRENCY ) बिटक्वाइन ( BITCOIN ) पूरी दुनिया में तेजी से पापुलर हो रहा है लेकिन इस करंसी के बारे में अभी तक किसी को किसी प्रकार की सिक्योरिटी नहीं है । यही वजह है कि RESERVE BANK OF india ने क्रिप्टोकरेंसी पर रोक के लिए सर्कुलर जारी किया था। जिसे 4 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ( supreme court ) के द्वारा निरस्त कर दिया गया था।

महिलाओं के नाम पर करें बिजनेस लोन अप्लाई, आसानी से देगी सरकार

अब सरकार इस करंसी को रोकने के लिए वैधानिक रूप से कानून लाने ( BILL TO BAN CRYPTOCURRENCY IN INDIA ) की तैयारी है। ये कानून आरबीआई ( rbi ) के सर्कुलर से अलग होगा । सरकार इस बारे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सर्कुलर ( RBI CIRCULER ) के इतर प्रभावी कानूनी ढांचा बनाएगी। वित्त मंत्रालय ( FINANCE MINISTER ) द्वार अंतर मंत्रालयी परामर्श के लिए इस बारे में एक नोट जारी किया जा चुका है।

18 जून से शुरू होगा कमर्शियल कोल ऑक्शन, ऑनलाइन होगी नीलामी

आपस में कैबिनेट स्तर ( cabinet ) पर विचार-विमर्श के बाद के इसे संसद ( parliament ) को भेजा जाएगा। एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर यह प्रस्ताव आरबीआई ( reserve bank of india ) की तर्ज पर होगी तो नया कानून क्रिप्टोकरेंसी के निवेशकों, एक्सचेंजों और बिटकॉइन ( bitcoin ) जैसी आभासी मुद्राओं में काम करने वाली संस्थाओं के लिए एक झटके तरह होगा ।

आपस में कैबिनेट स्तर ( cabinet ) पर विचार-विमर्श के बाद के इसे संसद ( parliament ) को भेजा जाएगा। एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर यह प्रस्ताव आरबीआई ( reserve bank of india ) की तर्ज पर होगी तो नया कानून क्रिप्टोकरेंसी के निवेशकों, एक्सचेंजों और बिटकॉइन ( bitcoin ) जैसी आभासी मुद्राओं में काम करने वाली संस्थाओं के लिए एक झटके तरह होगा

आपको बता दें कि जुलाई 2019 में क्रिप्टोकरेंसी ( cryptocurrency ) के ऊपर एक कानूनी मसौदा ( legal proposal ) तैयार किया गया था। जिसके तहत इसमें 25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और 10 साल कैद का प्रावधान था ।