11 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नीति आयोग का पलटवार, सवाल उठाने से पहले देश में कुछ दिन गुजारें अमर्त्य सेन

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा है कि मोदी सरकार पर सवाल उठाने से पहले अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को भारत में कुछ समय बिताना चाहिए।

2 min read
Google source verification
Amritya Sen

नीति आयोग का पलटवार, सवाल उठाने से पहले देश में कुछ दिन गुजारें अमर्त्य सेन

नई दिल्ली। नीति आयोग ने नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्रीअमर्त्य सेन के सवाल पर पलटवार किया है। आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा है कि मोदी सरकार पर सवाल उठाने से पहले अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को पहले भारत में कुछ समय बिताना चाहिए। नीति आयोग की ओर से यह टिप्पणी सेन के उस बयान के कुछ दिनों बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि 2014 के बाद भारत काफी पीछे चला गया है। आपको बता दें कि हाल ही में अपनी किताब 'भारत और उसके विरोधाभास' के हिंदी संस्करण के विमोचन के मौके पर कहा था कि 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत बहुत पीछे चला गया है। इस कारण वह एशिया में सबसे खराब स्थिति वाला दूसरा देश बन गया है।

मोदी सरकार के कामकाज की समीक्षा करें सेन: राजीव कुमार

नोबल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन की ओर से की गई टिप्पणी के सवाल के संबंध में जवाब देते हुए नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद भारत में संरचनात्मक सुधार हुआ है। इन सुधारों के देखने के लिए सेन को पहले कुछ दिन भारत में बिताने चाहिए। इसके बाद ही उनको इस तरह की टिप्पणी करनी चाहिए। राजीव कुमार ने कहा कि सेन पहले भारत में समय बिताकर जमीनी स्तर पर स्थिति की समीक्षा करें, उन्हें अपने आप बदलाव महसूस हो जाएगा।

भारत के विकास का समय बताएं अमर्त्य सेन

नोबल पुरस्कार विजेता सेन के चुनौती देते हुए कुमार ने कहा कि वे एेसे कोई चार साल बताएं जिनमें देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक साथ इतने सारे काम हुए हों। राजीव ने कहा कि मौजूदा मोदी सरकार में बीते चार साल में इस बात का प्रयास किया गया है कि देश की वृद्धि का लाभ अंतिम व्यक्ति तक भी पहुंचे। कुमार ने कहा कि यदि अमर्त्य सेन को ये सारी चीजें नहीं दिखाई देती हैं तो उन्हें जरूर भारत में कुछ दिन बिताने चाहिए। आपको बता दें कि 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग का गठन किया गया था। पीएम मोदी नीति आयोग के चेयरमैन हैं।