12 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

2022 तक 4 करोड़ घरों का निर्माण करेगी सरकारः पीएम मोदी

यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि पहले परिवार और व्यक्तियों के नाम पर योजनाएं चलाई गईं, इससे लोगों की भलाई कम हुई और राजनीति चमकाने की कोशिश अधिक हुई।

2 min read
Google source verification
PM Modi

2022 तक 4 करोड़ घरों का निर्माण करेगी सरकारः पीएम मोदी

नई दिल्ली। जिस तरह से पिछले कुछ दिनों से विपक्ष मोदी सरकार आैर मोदी पर कर्इ मामलों में हमलावर हो रहा है उसका रास्ता आैर जवाब खुद पीएम मोदी ने निकाल लिया है। इस बार उन्होंने यूपीए को करारा जवाब देते हुए कहा है कि यूपीए सरकार के 10 सालों के मुकाबले एनडीए सरकार के 4 साल में मकानों के निर्माण में बहुत तेजी आई है। उन्होंने दावा किया है कि 2022 तक देश के हर परिवार के पास अपना पक्का घर होगा। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र में 3 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 1 करोड़ घरों के निर्माण का संकल्प लिया गया है।

यूपीए पर साधा निशाना
यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि पहले परिवार और व्यक्तियों के नाम पर योजनाएं चलाई गईं, इससे लोगों की भलाई कम हुई और राजनीति चमकाने की कोशिश अधिक हुई।2022 तक ग्रामीण क्षेत्रों में तीन करोड़ और शहरी क्षेत्र में 1 करोड़ मकान बनाएंगे। इतने बड़े लक्ष्य के लिए बजट बड़ा चाहिए। पहले हम बजट के अनुसार लक्ष्य बनाते थे अब हम पहले लक्ष्य तय करते हैं और फिर बजट देते हैं।'

आंकड़ों के जरिए दी जानकारी
पीएम ने लोगों को आकंड़ों के जरिए समझाने की कोशिश की कि पिछली सरकार के 10 साल में 13 लाख घरों को मंजूरी मिली थी, जबकि एनडीए सरकार ने चार साल में 47 .5 लाख घरों को मंजूरी दी है। पिछली सरकार ने अपने आखिरी चार साल में 25.51 लाख घरों का निर्माण कराया था जबकि उनकी सरकार ने चार साल में 1.07 करोड़ घरों का निर्माण किया है।

12 महीने में तैयार हो रहा है मकान
पहले मकान बनाने के लिए 18 महीने का समय तय था अब इसे 12 महीने में किया जा रहा है। गांवों में पहले मकान के लिए पहले न्यूनतम क्षेत्र 20 वर्गमीटर था, इसे हमने बढ़ाकर 25 वर्गमीटर कर दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहले 70-75 हजार रुपए की मदद मिलती थी अब इसे बढ़ाकर सवा लाख कर दिया गया है। शौचालय के लिए अब 12 हजार रुपए अलग से दिए जा रहे हैं। पहले बिचौलिए पैसे खा जाते थे अब डीबीटी से लाभार्थियों के खाते में पैसे पहुंच रहे हैं।'