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माॅर्गन स्टेनली- सरकार और आरबीआर्इ के बीच चल रहा मतभेद उसके स्वतंत्रता को दर्शता है

गत शुक्रवार को विरल अचार्य ने आरबीआर्इ के स्वायत्तता को लेकर सवाल खड़े किए थे। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि इसका असर वित्तीय बाजार पर देखने को मिल सकता है।

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आरबीआर्इ व सरकार के बीच मतभेद उसके स्वतंत्रता को दर्शता है- माॅर्गन स्टेनली

नर्इ दिल्ली। अमरीकी ब्रोकरेज फर्म माॅर्गन स्टेनली ने मंगलवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक बीते कुछ समय में अधिक स्वतंत्र रहा है। अभी कुछ दिनों पहले ही आरबीआर्इ के डिप्टी गर्वनर विरल अाचार्य ने आरबीआर्इ आैर सरकार के बीच संबंध को लेकर एक बयान दिया था। गत शुक्रवार को विरल अचार्य ने आरबीआर्इ के स्वायत्तता को लेकर सवाल खड़े किए थे। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि इसका असर वित्तीय बाजार पर देखने को मिल सकता है।


इसलिए केंद्रीय बैंक स्वतंत्र है

माॅर्गन स्टेनली के इंडिया रिसर्च हेड रिधम देसार्इ ने कहा, "पहले की तुलना में आरबीआर्इ फिलहाल बहुत स्वतंत्र है। क्या अब उसे इससे भी अधिक स्वतंत्रता की जरूरत है? मुझे लगता है कि इस विवाद का जल्द ही समाधान हो जाएगा। मसला यह है कि ये बात मीडिया में आ चुकी है, सबके सामने है। यह बात ही अपने साबित करने के लिए पर्याप्त है कि आरबीआर्इ बीते कुछ समय की तुलना में अधिक स्वतंत्र है।" उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय बैंक के कर्मचारी इस बारे में बात कर पा रहे हैं। ये ही अपने आप दर्शाता है कि आज केंद्रीय बैंक कितना स्वतंत्र है।


डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने खड़े किए थे सवाल

देसार्इ ने कहा कि आरबीआर्इ के मौजूदा गवर्नर उर्जित पटेल आैर पूर्व गवर्नर रघुराम राजन, दोनों ने ही स्वतंत्रता को लेकर अपने मसले काे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हल कर लिया है। यह उसी समय हो गया था जब मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) का गठन दरों के लिए किया गया था। ये ध्यान देने वाली बात है कि विरल अाचार्य ने अपने बयान में एमपीसी को लेकर कहा था कि वो सही दिशा में काम कर रही है लेकिन नियमन व बैलेंस शीट प्रबंधन को लेकर आरबीआर्इ के पास पूरी स्वतंत्रता नहीं है। अाचार्य ने कहा था, "जाे सरकार आज या कल केंद्रीय बैंक का सम्मान नहीं करेगी, उसे वित्तीय बाजार को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।"