
40 फीसदी कंपनियों ने कहा- भारतीय रिजर्व बैंक बढ़ा सकती है ब्याज दरें
नर्इ दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक अपनी अगली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में ब्याज दरों बढ़ा सकती है। ब्याज दरों में इस बढ़ोतरी का इंतजार देश का 40 फीसदी से भी अधिक कंपनियों को है। इन कंपनियों का मानना है कि आरबीआर्इ चालू वित्त वर्ष में ब्याज दरों में वृद्धि कर सकती है। ये बात भारतीय उद्योग संगठन (CII) के एक सर्वेक्षण में सामने आया है। सीआर्इआर्इ ने कंपनियों के भरोसा सूचकांक (बीसीआर्इ) की तिमाही रिपोर्ट के 104वें संस्करण में ये आकलन पेश किया है। सीआर्इआर्इ के जुलार्इ से सितंबर 2018 की अवधि के लिए इस सर्वेक्षण में विभिन्न अाकार आैर क्षेत्र की करीब 200 कंपनियां शामिल हैं।
42 फीसदी कंपनियों ने कहा लौट सकते हैं अच्छे दिन
बीसीआर्इ के इस आंकड़े से पता चलता है कि चालू वित्त वर्ष की की दूसरी तिमहाी में कंपनियों की एक बार फिर से अच्छे दिन लौट सकते हैं। इन कंपनियों को इसकी उम्मदी सामान्य स्तर से अधिक दिखार्इ दी। इससे एक बात ये भी तय हो जाती है कि अाने वाले दिनों में कारोबारी दृष्टिकाेण एवं वृद्घि बढ़ सकता है। सीआर्इआर्इ की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि बीते दो द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा नीति बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दरों में 0.5 फीसदी की वृद्धि की है।
अक्टूबर के पहले सप्ताह में होगी रिजर्व बैंक की बैठक
सीआर्इआर्इ के इस सर्वेक्षण के मुताबिक करीब 42 फीसदी कंपनियों का मानना है कि चालू वित्त वर्ष में रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों बढ़ोतरी कर सकता है। वहीं पिछले सर्वेक्षण में इन कंपनियों ने ब्याज दरों मे किसी भी प्रकार की कटौती या परिवर्तन का काेर्इ अनुमान नहीं लगाया था। बताते चलें कि अगले माह 3 अक्टूबर को रिजर्व बैंक के गर्वनर उर्जित पटेल की अध्यक्षता में होने वाली है। ये चालू वित्त वर्ष में ये रिजर्व बैंक की चौथी द्विमासिक नीति समीक्षा बैठकक होगी जो तीन अक्टूबर से लेकर 5 अक्टूबर तक चलेगी।
Published on:
23 Sept 2018 03:49 pm
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