खरीफ फसलों की बुवाई ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। पिछले कुछ दिनों तक बेमौसम बारिश के कारण इन फसलों की बुवाई में गिरावट दर्ज की जा रही थी।
खरीफ फसलों की बुवाई ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। पिछले कुछ दिनों तक बेमौसम बारिश के कारण इन फसलों की बुवाई में गिरावट दर्ज की जा रही थी, जो अब थम गई है और खरीफ फसलों की बुवाई में थोड़ा इजाफा हुआ है। खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आंकड़ों के मुताबिक 30 जून तक 203.19 लाख हेक्टेयर भूमि में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है। इस तरह, 30 जून को समाप्त सप्ताह तक खरीफ फसलों की बुवाई करीब आधा फीसदी बढ़ी है।
मोटे अनाज की बुवाई से खरीफ फसलों में इजाफा
संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि तिलहन व मोटे अनाज के कारण खरीफ फसलों की बुवाई में इजाफा हुआ है। हालांकि प्रमुख फसलों में धान की बुवाई करीब 26 फीसदी गिरकर 26.56 लाख हेक्टेयर और कपास की बुवाई करीब 14 फीसदी घटकर 40.50 लाख हेक्टेयर दर्ज की गई।
तिलहन फसलों की बुवाई ने पकड़ा जोर
गुप्ता ने कहा कि पिछले सप्ताह तक कमजोर रहने वाली तिलहन फसलों की बुवाई ने इस सप्ताह जोर पकड़ लिया है। 30 जून तक 21.55 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलों की बुवाई हो चुकी है। हालांकि, सोयाबीन की बुवाई 17 फीसदी तक घटी है। दलहन फसलों के रकबा में सुधार हुआ है और इसमें 3.30 फीसदी वृद्धि देखी जा रही है। लेकिन, दलहन फसलों की बुवाई अभी भी थोड़ी सुस्त है। अब तक 36.23 लाख हेक्टेयर में मोटे अनाज की बुवाई हो चुकी है, जो पिछले साल से 61.7 फीसदी अधिक है।