
This will be expensive by GST on Diwali decorating the house
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जीएसटी के तहत स्रोत पर टीडीएस और टीसीएस प्रावधान को लागू करने का फैसला लिया है। यह प्रावधान एक अक्टूबर से लागू होगा, जिसके बाद सीजीएसटी के तहत जिन उत्पादों, सेवाओं को रखा गया है उनकी आपूर्ति 2.5 लाख रुपए से अधिक होने पर एक फीसदी टीडीएस संग्रह करना होगा। इसके अलावा राज्य कानून के अनुसार एक प्रतिशत टीडीएस भी लगाया जाएगा। ऐसे में सरकार के फैसले के बाद तमाम सीजीएसटी में लिस्टेड उत्पादों पर दो फीसदी कर और लगाया जाएगा, जिसमे टीडीएस और टीसीएस शामिल है।
ऑनलाइन सामान खरीदना भी होगा मंहगा
कॉमर्स कंपनियों को भी अब GST के तहत सप्लाई करने वालों को किसी भी पेमेंट के लिए 1 फीसदी टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) कलेक्ट करना होगा। राज्य भी चाहे तो SGST कानून के तहत 1 फीसदी टीसीएस लगा सकते हैं। जिसके कारण फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन सामान खरीदना मंहगा होना वाला है।
18 सितंबर से शुरु होगें रजिस्ट्रेशन
आपको बता दें की सरकार ने 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू किया था, लेकिन कारोबारियों को जीएसटी को समझने और इसके लिए तैयारी का समय देने लिए टीडीएस और टीसीएस के प्रावधान 30 सितंबर तक के लिए टाल दिया गया था। टीडीएस और टीसीएस के लिए रजिस्ट्रेशन 18 सितंबर से शुरू किए जाएंगे।
31 अक्टूबर तक फाइल करना होगा जीएसटी रिटर्न
वहीं सरकार ने व्यापारियों व कारोबारियों को राहत देते जुलाई 17 से सितंबर 18 के लिए वस्तु एवं सेवा कर रिटर्न फॉर्म दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी है। जो लोग अब तक जीएसटी का रिटर्न दाखिल नहीं कर सके हैं यदि वे 31 अक्टूबर तक इसे दाखिल करते हैं तो उन पर किसी प्रकार की पेनल्टी नहीं लगेगी। जीएसटी रिटर्न का फॉर्म-1 दाखिल करने वालों की संख्या अधिक होने के कारण सरकार ने इसकी आखिरी तारीख बढ़ाई है। ऐसे करदाता जिनका टर्नओवर डेढ़ करोड़ रुपए तक है। उनके और से 31 अक्टूबर तक जीएसटीआर 1 फाइल किए जा सकेंगे। इसके अलावा वे करदाता जिनका टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपए से अधिक है वे भी इसी तारीख तक सितंबर माह तक के जीएसटीआर-1 फाइल कर सकते हैं।

Published on:
14 Sept 2018 01:52 pm
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