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G20 बैठक के बाद पहली बार आमने-सामने होंगे चीन व अमरीका, ट्रेड वॉर को लेकर शंघाई में बैठक

चीन के वित्तीय हब शंघाई में दोनों देशों के बीच बैठक। दोनों देशों को ट्रेड वॉर से अब तक 360 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है।

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Ashutosh Kumar Verma

Jul 30, 2019

US china

नई दिल्ली।अमरीका और चीन के बीच मंगलवार को शंघाई में वार्ता के बाद अब दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर को लेकर बातचीत का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है। इसके पहले दोनों देशों के बीच कई बार ट्रेड टॉक असफल रह चुका है।

चीन के वित्तीय हब माने जाने वाले शंघाई में दोनों देशों के बीच यह बातचीत अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर प्रतिबद्धता न कायम करने के आरोप के बाद हो रहा है।

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हांगकांग में हंगामे के बाद शंघाई में बैठक

दोनों देशों को द्विपक्षीय ट्रेड को लेकर अब तक 360 अरब डॉलर को नुकसान उठाना पड़ है। अमरीका का कहना है कि चीन अमरीकी टेक्नोलॉजी की चोरी करता है और अमरीकी कंपनियों के लिए चीन में कारोबार करना मुश्किल करता है। चीन व अमरीका के बीच इस बातचीत में अमरीकी ट्रेड प्रतिनीधि रॉबर्ट लाइथीजर और ट्रेजरी सेक्रेटरी स्टीवन न्यूचीन भाग लेंगे। बता दें कि हांगकांग में हंगामें के बाद दोनों देश में यह वार्ता हो रही है।

चीन ने ट्रंप के आरोप का दिया जवाब

शंघाई बैठक से ठीक पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने विश्व व्यापार संगठन में चीन के विकासशील देशों की श्रेणी से बाहर करने की धमकी दे चुके हैं। इसके जवाब में बीजिंग ने कहा है कि अमरीका अपने 'अहंकार और स्वार्थ' से का प्रदर्शन कर रहा है।

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क्या सुस्ती अर्थव्यवस्था की वजह से झुक रहा चीन?

गत शुक्रवार को ट्रंप ने कहा उनका मानना हे कि चीन प्रतिनिधित्व ये सोच रहे हैं कि इस मामले को तब तक लटकाये रखें, जब तक अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव खत्म नहीं होता है। ट्रंप ने आगे कहा, "जब मैं दोबार जीत जाउंगा, तब उन्हें डील साइन करना पड़ेगा।" ट्रंप ने यह भी कहा है कि चीन की सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था से विवश होकर वे अब इस डील को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हो हुआ है।