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अप्रैल में देश की बेरोजगारी दर 7.6 फीसदी पहुंची, CMIE रिपोर्ट में हुआ खुलासा

अक्टूबर 2016 के बाद सबसे ज्यादा है देश की बेरोजगारी दर नोटबंदी के बाद 2018 तक 1.10 करोड़ लोगों ने गंवाई नौकरी लोकसभा चुनाव के बीच पीएम मोदी को परेशान कर सकते हैं आंकड़ें

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अप्रैल में देश की बेरोजगारी दर 7.6 फीसदी पहुंची, CMIE रिपोर्ट में हुआ खुलासा

नई दिल्ली। पिछले कई महीनों से देश में बेरोजगारी का मुद्दा गहराया हुआ है। विपक्ष बेरोजगारी को लेकर सरकार को लगातार घेरे हुए हैं। ऐसे में जब लोकसभा चुनाव 2019 के चार चरणों के मतदान पूरे हो चुके हैं, सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनाॅमी ( CMIE ) की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा है। रिपोर्ट में कहा गया है नोटबंदी के बाद अप्रैल 2019 में बेरोजगारी काफी बढ़ गई है। आइए आपको भी बताते हैं कि बेरोजगारी दर को लेकर किस तरह के आंकड़े जारी हुए हैं...

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7.6 फीसदी हुई बेरोजगारी दर
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनाॅमी के आंकड़ों के अनुसार भारत में अप्रैल 2019 में बेरोजगारी दर बढ़कर 7.6 फीसदी पर पहुंच गई है, जो अक्टूबर 2016 के बाद सबसे ज्यादा है। मार्च 2019 में बेरोजगारी दर 6.7 फीसदी थी। के हवाले से यह जानकारी दी है। आपको बता दें कि बेरोजगारी के आंकड़े 5 साल में जारी होते हैं। दिसंबर 2018 में आंकड़े लीक हो जाने के बाद हर आंकड़े जारी होने के आदेश हुए। अगर वित्त वर्ष 2017-18 के आंकड़ों की मानें तो में पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी थी। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनाॅमी अपनी रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि नोटबंदी के बाद से 2018 तक एक करोड़ 10 लाख लोगों ने रोजगार खो दिया है।

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पीएम मोदी को परेशान कर सकते हैं यह आंकड़ें
सीएमआईई की यह रिपोर्ट लोकसभा चुनाव 2019 के चुनावों के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। सीएमआईई प्रमुख महेश व्यास के अनुसार मार्च 2019 में कम बेरोजगारी दर ट्रेंड से थोड़ी अलग थी, लेकिन अप्रैल में यह एक बार फिर ऊपर चढ़ गई। देश में बेरोजगारी में बढ़ोतरी को लेकर पहले भी विपक्षी पार्टियां सरकार को घेरती रही हैं और चुनाव प्रचार में भी विपक्ष ने इसे मुख्य मुद्दा बना रखा है। सरकार ने नौकरियों के आंकड़े को रोक दिया है और कहा है कि इसे ठीक से जांचने की जरूरत है।

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