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8500 से ज्यादा होमगार्ड की सालाना सैलरी ‘दीपोत्सव’ में खर्च करेगी यूपी सरकार

हाल ही में यूपी सरकार ने 25 हजार होमगार्डों की नौकरियों को किया है खत्म सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार होमगार्ड को 672 रुपए प्रतिदिन मिलनी है सैलरी दीपोत्सव में 133 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है उत्तर प्रदेश सरकार

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Saurabh Sharma

Oct 23, 2019

Ayodhaya Deepotsava

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार अब अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव पर पर्यटन विभाग की जगह खुद खर्च करेगी। इस बार का बजट सरकार ने इस आयोजन के लिए 133 करोड़ रुपए रखा है। ताज्जुब की बात तो ये है कि प्रदेश के 25 हजार परिवारों के दिवाली के दीयों को प्रदेश सरकार ने खुद ही बुझा दिया है। यह बात यहां पर इसलिए कही जा रही है क्योंकि प्रदेश सरकार ने दिवाली आने से कुछ हफ्ते पहले ही 25 हजार होमगार्डों को नौकरी से निकाल दिया है। यानी अब प्रदेश सरकार निकाले गए एक चौथाई होमगार्डों की सालाना सैलरी को दीपोत्सव में खर्च करेगी। पढि़ए ये पूरी रिपोर्ट...

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133 करोड़ रुपए का दीपोत्सव
सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा के अनुसार राज्य सरकार ने इस साल के 'दीपोत्सव' के लिए 133 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है, जिसमें 26 अक्टूबर को 5.51 लाख से अधिक 'दीये' जलाए जाएंगे। 'दीपोत्सव' अब एक राज्य-प्रायोजित कार्यक्रम है, इस आयोजन पर खर्च होने वाले धन का मानदंडों के अनुसार ऑडिट किया जाएगा। राज्य सरकार ने 'दीपोत्सव' के लिए विस्तृत व्यवस्था की है, 26 अक्टूबर को मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। कार्यक्रम में फिजी के संसद अध्यक्ष के मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने की संभावना है।

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25 हजार परिवारों के दीयों को बुझाकर होगा कार्यक्रम!
कुछ दिन पहले प्रदेश सरकार ने 25 हजार होमगार्डों को नौकरी से निकाल दिया था। उन्हें मौजूदा समय में 500 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से सैलरी दी जाती है। अगर एक होमगार्ड महीने के 30 दिनों में से 26 दिन ड्यूटी करता है तो उसे पूरे महीने 13 हजार रुपए सैलरी दी जाती है। यानी सालाना एक 1.56 लाख रुपए मिलती है। वो बात अलग है सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद सरकार की ओर से होम गार्डों को 672 रुपए प्रति दिन के हिसाब से रुपया दिया जाएगा। लेकिन प्रदेश के 25 हजार होमगार्डों के परिवारों के घरों में इस बार दिवाली के दिए कैसे जलेंगे? इस बारे में प्रदेश सरकार को भी नहीं मालूम है।

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8500 से ज्यादा होमगार्ड सालाना सैलरी है 133 करोड़
जब पत्रिका की ओर से 133 करोड़ रुपए को होमगार्डों की सालाना सैलरी के हिसाब से देखा तो वो 8500 से ज्यादा होमगार्डों की सालाना सैलरी बन रही है। अभी पत्रिका की ओर से सिर्फ 500 रुपए प्रति दिन के हिसाब से सालाना सैलरी की गणना की है। अब अंदाजा लगाया जा सकता है कि दीपोत्सव के बजट से 8500 से ज्यादा होमगार्डों के घरों में रोशनी के साथ राशन और बच्चों की पढ़ाई की फीस जा सकती है।

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सरकार को सोचने की जरुरत
जब इस बारे में उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेता विकास श्रीवास्तव का कहना है कि हाल ही एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि देश में 2019 1.09 करोड़ लोगों की नौकरी जा सकती है। जिसमें 91 लाख लोगों की नौकरीब ग्रामीण इलाकों से गई है। शहरी इलाकों से करीब 18 लाख लोगों की नौकरी जा चुकी है। ऐसे में सरकार को सोचना चाहिए कि नौकरी पैदा करें। ताकि उनका परिवार भी चल सके। वो दीपावली भी अच्छे से सेलीब्रेट कर सकें।