विश्व बैंक ने कहा है कि महंगाई दर कम होने के साथ ही सातवें वेतन आयोग से सरकारी कर्मियों को मिलने वाले अधिक पैसे का असर भी बाजार में अच्छा होने जा रहा है। बेहतर मानसून और फसल के कारण भी अर्थव्यवस्था को नोटबंदी के कुप्रभाव से उबरने में मदद मिलेगी। नोटबंदी के कारण बैंकिंग सिस्टम में तरलता आने से ब्याज दरें कम हो रही हैं, जिसका असर आर्थिक क्रियाकलापों में तेजी के रूप में सामने आएगा। उसके अनुसार, चूंकि भारत में संख्या के हिसाब से ८० फीसदी से अधिक ट्रांजैक्शन नकद में होते हैं, इसलिए यह असर दिख रहा है। हालांकि डिजिटल ट्रांजैक्शन से बढऩे से चीजें सामान्य होने लगेंगी।