2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ये है दुनिया की सबसे महंगी चीज, कीमत इतनी कि खरीदे जा सकते हैं दो-दो पाकिस्तान

एंटीमैटर पदार्र्थ के 1 ग्राम की कीमत 31 लाख 25 हजार करोड़ रुपए है, जिसे बनाने में 160 करोड़ रुपए खर्च होते हैं।

2 min read
Google source verification

image

Saurabh Sharma

Jul 30, 2018

Antimatter

ये है दुनिया की सबसे महंगी चीज, कीमत इतनी कि खरीदे जा सकते हैं दो-दो पाकिस्तान

नर्इ दिल्ली। वैसे तो दुनिया मेंकर्इ महंगे पदार्थ आैर वस्तु हैं। जिनकी कीमत करोड़ों अरबों में हैं। कर्इ लोग सोना आैर हीरे को पृथ्वी की सबसे महंगी वस्तु की समझ रहे होंगे, लेकिन दुनिया में एेसे कर्इ पदार्थ हैं जिनकी कीमत दुनिया के देशों की जीडीपी से भी ज्यादा है। एेसा ही एक पदार्थ हैं जिसे एक ग्राम बेचने पर दो-दो पाकिस्तान जैसे देशों को खरीदा जा सकता है। ये मजाक बिल्कुल भी नहीं है। दुनिया के 90 फीसदी लोगों को इस वस्तु का नाम तक नहीं सुना होगा। आइए आपको भी बताते हैं कि वो एेसी कौन सी वस्तु है जिसकी कीमत इतनी ज्यादा है।

एंटीमैटर है पृथ्वी की सबसे महंगी वस्तु
इस चीज का नाम है एंटीमैटर। जिसे दुनिया की सबसे महंगी वस्तु माना जाता है। इसे प्रतिपदार्थ भी कहा जाता है। प्रतिपदार्थ पदार्थ का एक ऐसा प्रकार है जो प्रतिकणों जैसे पाजिट्रॉन, प्रति-प्रोटॉन, प्रति-न्यूट्रॉन में बना होता है। ये प्रति-प्रोटॉन और प्रति-न्युट्रॉन प्रति क्वार्कों मे बने होते हैं। अगर हम इसकी कीमत बात करें तो आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। अगर इसे एक ग्राम बेचा जाए तो दुनिया के 100 छोटे-छोटे देशों को खरीदा जा सकता है। पाकिस्तान जैसे दो देश खरीदे जा सकते हैं। जी हां, इसके 1 ग्राम की कीमत 31 लाख 25 हजार करोड़ रुपए है। उड़ गए ना होश। ये दुनिया का सबसे महंगा पदार्थ है।

एक मिलिग्राम बनाने में लग जाते हैं 160 करोड़ रुपए
नासा की मानें तो एंटीमैटर को तैयार करने में सबसे ज्यादा रुपए भी खर्च भी होते हैं। इसलिए इसकी कीमत भी ज्यादा है। आंकड़ों की मानें तो 1 मिलीग्राम एंटीमैटर बनाने में 160 करोड़ रुपए हैं। इसकी सुरक्षा में भी सबसे ज्यादा खर्च किया जाता है। दुनिया में सबसे ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था भी इसे प्रदान की जाती है। इतना ही नहीं नासा जैसे संस्थानों में भी इसे रखने के लिए एक मजबुत सुरक्षा घेरा है। कुछ खास लोगों के अलावा प्रतिपदार्थ तक कोई भी नहीं पहुंच सकता है।

ऐसे बनाया जाता है एंटी मैटर
वैसे तो एंटीमैटर प्राकृतिक रूप से कहीं न कहीं मौजूद जरूर है। वैज्ञानिकों ने इसे बनाने में भी कामयाबी हासिल कर ली है। इस एंटीमैटर को सर्न की प्रयोगशाला में बनाया गया था। इस लैब में ही गॉड पार्टिकल को ढूंढ़ने की बात सामने आई थी। इसे बनाने में जो ऊर्जा खर्च होती है प्राप्त एंटी मैटर उसका एक अरबवां हिस्सा होता है। एंटीमैटर का उपयोग बहुत ही कम होता है। इसे हम मेडिकल लाइन, रॉकेट फ्यूल और न्‍यूक्‍िलयर वीपेन में उपयोग करते हैं।