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यहां युवा कर सकेंगे एग्रीकल्चर कोर्सेज, खेती और बागवानी में बनेगा कॅरियर

रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शिक्षण एवं शोध संस्थान में कृषि विज्ञान में स्नातक पाठ्यक्रम, तीन डिप्लोमा पाठ्यक्रम एवं तीन स्नाकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम जैसे नवीन पाठ्यक्रमों को संचालित किया जाएगा।

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जयपुर

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Sunil Sharma

Nov 20, 2018

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झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रामकृष्ण मिशन आश्रम एवं कृषि विभाग के बीच स्नातक एवं स्नातकोत्तर की पढ़ाई के उद्देश्य से 150 नए सीट के लिए सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर करने के बाद उन्होनें कहा कि कृषि और भारतीय संस्कारों को समर्पित यह कृषि विश्वविद्यालय राज्य के गांवों में परिवर्तन का वाहक बनेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह देश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय होगा, जिसमें पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एमएससी कोर्स कृषि, ग्रामीण विकास एवं आदिवासी विकास पर चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शिक्षण एवं शोध संस्थान का ऑफ कैंपस रामकृष्ण मिशन आश्रम, रांची (मोरहाबादी) को दो करोड़ 94 लाख रुपये वार्षिक अनुदान की स्वीकृति दी गई है। झारखंड में कृषि को प्राथमिकता के रूप में लिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए इस संस्थान को अनुदान दिया जा रहा है। अनुदान की राशि दो किस्तों में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के 150 युवाओं को कृषि एवं संबंद्ध क्षेत्रों में सशक्त करने के लिए इस संस्थान में दाखिला लिया जाएगा। साथ ही, इस संस्थान में तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के पदों पर यहां के नागरिकों को प्राथमिकता से बहाल किया जायेगा।

कृषि सचिव पूजा सिंघल ने बताया कि रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शिक्षण एवं शोध संस्थान एक स्वीकृत डीम्ड विश्वविद्यालय है। इसका एक स्वीकृत ऑफ कैंपस रामकृष्ण मिशन आश्रम, रांची (मोरहाबादी) में एकीकृत ग्रामीण एवं आदिवासी विकास एवं प्रबंधन संकाय केंद्र के रूप में संचालित है। इस संकाय द्वारा राज्य के युवाओं में शिक्षा एवं कौशल विकास हेतु राज्य में कृषि, ग्रामीण एवं आदिवासी विकास तथा कृषि आधारित उद्यमिता के विकास के लिए विभिन्न शैक्षिक एवं शोध पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे है।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में पूर्व से संचालित पाठ्यक्रम के अलावा 150 सीटों की क्षमता वाले नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। कृषि विज्ञान में स्नातक पाठ्यक्रम, तीन डिप्लोमा पाठ्यक्रम एवं तीन स्नाकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम जैसे नवीन पाठ्यक्रमों को संचालित किया जाएगा तथा पूर्व से संचालित पाठ्यक्रम यथावत् चलते रहेंगे।