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इस एक वर्षीय कोर्स को करने से मिलती हैं लाखों रुपए महीना की सैलेरी

फायनेंस व इंश्योरेंस सेक्टर्स में बढ़ते स्कोप, बेहतर सैलरी पैकेज व ग्लोबल प्रोफेशन के कारण एक्चुरियल साइंस भी आने वाले समय में छात्रों के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है।

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जयपुर

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Sunil Sharma

Nov 03, 2018

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आज के समय में फाइनेंस तथा बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा ग्रोथ देखी जा रही है। फायनेंस व इंश्योरेंस सेक्टर्स में बढ़ते स्कोप, बेहतर सैलरी पैकेज व ग्लोबल प्रोफेशन के कारण एक्चुरियल साइंस भी आने वाले समय में छात्रों के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है। एक्चुरियल साइंस वास्तव में सांख्यिकी गणित की एक ब्रांच है। इस गणित के जरिए भविष्य में होने वाली संभावनाओं और रिस्क का आंकलन कर मार्केट के लिए सबसे सेफ स्ट्रेटेजी तैयार की जाती है। एक्चुअरी प्रोफेशनल्स का मुख्य काम इंश्योरेंस व फायनेंस के क्षेत्र में जोखिम का आंकलन कर इसके आधार पर प्रीमियम की रकम निर्धारित करना है।

एक्चुरियल साइंस में शुरुआती वेतन
एक्चुरियल साइंस में किसी भी जॉब का शुरुआती पैकेज 4 से 6 लाख रुपए से शुरु होता है। यदि 2 से 5 वर्ष का अनुभव हो तो यह पैकेज 30 लाख सालाना से भी ज्यादा हो सकता है।

एक्चुरियल साइंस में होते हैं ये कोर्सेज
देश की कई जानी-मानी यूनिवर्सिटीज तथा कॉलेजेज एक्चुरियल साइंस में डिग्री तथा डिप्लोमा कोर्सेज करवाते हैं। डिप्लोमा कोर्स एक वर्ष का होता है जबकि डिग्री कोर्स 3 वर्ष तक का हो सकता है। इनके लिए एडमिशन एंट्रेंस एग्जाम के जरिए होता है। एंट्रेस टेस्ट का आयोजन वर्ष में दो बार करवाया जाता है। डिग्री तथा डिप्लोमा कोर्स करने के लिए 12वीं कक्षा में मैथ्य या स्टेटिस्टिक्स में मिनिमम 85 प्रतिशत अंक तथा अंग्रेजी भाषा के एग्जाम में बढ़िया मार्क्स होने आवश्यक है।

इन कोर्सेज को करने के बाद एक्चुरियल सोसाइटी की परीक्षाएं पास करना अनिवार्य है। एक बार आप परीक्षा पास कर लें तो आप न केवल भारत वरन पूरी दुनिया में कहीं भी लाखों रूपए सालाना की जॉब पा सकते हैं अथवा अपना खुद का नया स्टार्टअप शुरु कर करोड़पति बनने के रास्ते पर चल सकते हैं।

ऐसा होता है actuarial science का exams Pattern
भारत में Institute of Actuaries of India (IAI) एकमात्र संस्था है जो Acturial Science के एग्जाम आयोजित करवाती है। इसका एग्जाम पैटर्न निम्न प्रकार हैं-

The 15 actuarial exams conducted by IAI include 9 written exams and 3 practical exams:
IAI एक्चुरियल साइंस में लगभग 15 एग्जाम्स आयोजित करवाती हैं, इनमें से 9 लिखित तथा 3 प्रेक्टिकल (प्रायोगिक) एग्जाम होते हैं। देश की कुछ प्रमुख यूनिवर्सिटीज तथा कॉलेज एक्चुरियल साइंस में डिग्री तथा डिप्लोमा कोर्सेज करवाते हैं। एक्चुरियल साइंस के कोर्स का कंटेंट इस प्रकार होता है।

Stage 1: Core Technical (CT)
स्टेज 1 में आपको सभी 9 पेपर पास करने होते हैं, इसके बाद आप अगली स्टेज में एडमिशन ले सकते हैं-
CT1 – Financial Mathematics
CT2 – Finance and Financial Reporting
CT3 – Probability and Mathematical Statistics
CT4 – Models
CT5 – General Insurance, Life and Health Contingencies
CT6 – Statistical Methods
CT7 – Business Economics
CT8 – Financial Economics
CT9 – Business Awareness Online Module (Practical Exam)

Stage 2: Core Application (CA)
इस स्टेज में दो प्रेक्टिकल तथा एक लिखित एग्जाम होता है। इसमें भी तीनों पेपर पास करना आवश्यक है-
CA1 – Actuarial Risk Management
CA2 – Model Documentation Analysis and Reporting (Practical Exam)
CA3 – Communication (Practical Exam)

Stage 3: Specialist Technical (ST)
इस स्टेज से आप अपने फील्ड में एक्सपर्टाइज हासिल करना शुरु करते हैं। आपको किन्हीं भी दो सब्जेक्ट्स चुन कर उन्हें पास करना होता है।
ST1 – Health and Care
ST2 – Life Insurance
ST3 – Pension and Other Employee Benefits
ST4 – Finance and Investment A
ST5 – Finance and Investment B
ST6 – General Insurance Reserving and Capital Modeling Specialist Technical
ST7 – General Insurance Pricing Specialist Technical
ST8 – Enterprise Risk Management

Stage 4: Specialist Application (SA)
एक्चुरियल साइंस की यह आखिरी स्टेज है जहां आपको निम्न में से एक सब्जेक्ट चुन कर उसमें महारथ हासिल करनी होती है।
SA1 – Health and Care
SA2 – Life Insurance
SA3 – General Insurance
SA4 – Pension and Other Employee Benefits
SA5 – Finance
SA6 – Investment

Acturial Science में रोजगार के मौके
ट्रेंड एक्चुअरी प्रोफेशनल्स के लिए नौकरी के अधिकतर अवसर इंश्योरेंस सेक्टर में हैं। इसके अलावा नॉन-लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर, असेट मैनेजमेंट, एंप्लॉय बेनिफिट और कंसल्टेंसी कंपनियों में भी नौकरी कर सकते हैं। भारतीय एक्चुरियल प्रोफेशनल्स की मांग विदेश अमरीका, कनाड़ा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया सहित यूरोप के कई विकसित देशों में बहुत ज्यादा है।

यहां होती है पढ़ाई
एक्चुरियल साइंस का संचालन करने वाली शीर्ष संस्था 'द इंस्टीट्यूट ऑफ एक्चुअरीज ऑफ इंडिया' है।
कॉलेज ऑफ इंश्योरेंस, मुंबई
कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज, नई दिल्ली
बिशप हेर्बर कॉलेज, त्रिची (तमिलनाडु)
इंश्योरेंस ट्रेनिंग सेंटर, कोलकाता
नेशनल इंश्योरेंस एकेडमी, पुणे (महाराष्ट्र)