
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा 2017 का अंतिम परिणाम जारी किया है। हैदराबाद के अनुदीप दुरिशेट्टी प्रथम स्थान पर रहे। दूसरे नंबर पर अनु कुमारी और तीसरे पर सचिन गुप्ता हैं। चौथे स्थान पर अतुल प्रकाश और 5वें पर प्रथम कौशिक रहे।
टॉपर अनुदीप अभी भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी हैं। अनुदीप को इतिहास पढऩे का शौक है। पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन से प्रभावित अनुदीप कहते हैं कि पढ़ाई के दौरान जब मैं तनाव में होता था तो जमकर फुटबॉल खेलता था। यही मेरा तनाव दूर करने का फॉर्मूला है। भीलवाड़ा के अभिषेक सुराणा की दसवीं रैंक, सवाई माधोपुर के सिद्धार्थ जैन की 11वीं, जयपुर की आशिमा मित्तल की 12वीं, अजमेर के शिशिर गेमावत की 35वीं, जैसलमेर के देशलदान की 82वीं रैंक रही। कोटा के अनंत जैन की 85वीं, अजमेर के प्रतीक जैन की 86वीं, जयपुर की कृतिका जैन की 197वीं व दीपक जेवरिया की 880वीं रैंक रही।
परीक्षा के लिए की आशिमा ने कड़ी मेहनत
जयपुर। आशिमा मित्तल का सपना न सिर्फ आइएएस बनना था, बल्कि वंचित तबके के बच्चों को शिक्षित करने की चाह भी हमेशा से उनके मन में थी। इसीलिए आशिमा ने परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत के साथ ही इन बच्चों के भविष्य में भी शिक्षा का उजाला फैलाने का कार्य पूरी लगन से किया। 2016 में आइआरएस में चयन से पहले मालवीय नगर निवासी आशिमा जयपुर में अनाथ बच्चों के लिए कार्य करने वाली एक संस्था से जुड़ी रहीं। इस दौरान वह आसपास की बस्तियों में वंचित तबके के बच्चों को पढ़ाने के लिए भी जाती थीं। आशिमा की मां नमिता मित्तल एमएनआइटी में शिक्षिका हैं, जबकि पिता मनीष मित्तल का निजी व्यवसाय है।
5 वें प्रयास में सफलता
सवाई माधोपुर के सिद्धार्थ ने पांचवें प्रयास में सफलता पाई। अपनी सफलता के लिए उन्होंने माता-पिता, शिक्षकों व दोस्तों को श्रेय दिया। सिद्धार्थ के पिता विमल कुमार जैन शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हैं, वहीं मां चित्रा शिक्षिका हैं। ८२वीं रैंक पाने वाले देशलदान का पूर्व में आईएफएस में भी चयन हो चुका है। सुमेलियाई गांव के निवासी देशलदान के पिता कुशलदान रतनू पेशे से किसान हैं। वे वर्तमान में चाय की स्टॉल चलाते हैं। प्रतीक वर्तमान में भारतीय वन सेवा में कार्यरत हैं। उन्होंने पिछले वर्ष भारतीय वन सेवा में अखिल भारतीय स्तर पर तीसरी रैंक हासिल की थी। प्रतीक ने बताया कि आईएएस बनना उनका पहला लक्ष्य था। पिछले साल भारतीय वन सेवा में अच्छी रैंक हासिल करने के बावजूद वे संतुष्ट नहीं हुए। आइएएस बनने के लिए उन्होंने सालभर तक तैयारी की। मैकेनिकल इंजीनियर अनंत कोटा पीएफ ऑफिस में प्रवर्तन अधिकारी हैं। उन्हें दूसरी बार में यह सफलता मिली है। अनंत के पिता राम नारायण जैन इंश्यारेंस कम्पनी में प्रशासनिक अधिकारी हैं, जबकी मां समता जैन केन्द्रीय विद्यालय क्रम-1 में टीचर हैं। वैशाली नगर निवासी अक्षय शर्मा, ने 355वीं रैंक हासिल की है। पेशे से चार्टर्ड अकाउटेंट अक्षय शर्मा फिलहाल इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में कार्यरत हैं।
Published on:
28 Apr 2018 10:09 am
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