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‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ गेम चेंजेर साबित हुआ : उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' जैसी योजनाओं को गेम चेंजेर कार्यक्रम बताते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लड़कियों की शिक्षा विशेषकर उनके कौशल विकास पर जोर दिया है।

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Venkaiah naidu

Venkaiah Naidu

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' जैसी योजनाओं को गेम चेंजेर कार्यक्रम बताते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लड़कियों की शिक्षा विशेषकर उनके कौशल विकास पर जोर दिया है। नायडू ने मंगलवार को जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा देने से अधिक महत्वपूर्ण कदम कुछ भी नहीं हो सकता है। एक महिला शिक्षित होती है, समाज के हर क्षेत्र में विकास होता है, चाहे वह आर्थिक प्रगति हो या मृत्यु दर में कमी हो या अन्य क्षेत्र में प्रगति हो।

उन्होंने कहा कि लड़कियों को शिक्षा देने के साथ-साथ उनके कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि उन्हें रोजगार मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' तथा 'सुकन्या समृधि योजना' जैसे कार्यक्रमों ने समाज की तस्वीर बदलने का काम किया है और लोगों को प्रेरित भी किया है कि वे अपनी लड़कियों को पढ़ाएं और आगे बढ़ाएं। उन्होंने हमदर्द विश्वविद्यालय की इस बात के लिए तारीफ की कि उसके यहां करीब पचास प्रतिशत लड़कियां पढ़ रही हैं।

उन्होंने हमदर्द विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को सलाह भी दी कि वे मरीजों के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं और उनका समूर्ण इलाज करें। उपराष्ट्रपति ने शैक्षिक संस्थाओं से सौर ऊर्जा जल संरक्षण जैसे कार्यक्रमों को अपनाने पर भी बल दिया और कहा कि छात्रों को भी प्रकृति तथा पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने की भी सलाह दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रौद्योगिकी के अधिक इस्तेमाल के प्रति सचेत करते हुए कहा कि मानवीय संबंधों से अधिक तरजीह उपकरणों को नहीं दिया जाना चाहिए।