
Education of Bihar Chief Ministers: बिहार की सियासत में 15 अप्रैल, 2026 को एक नया अध्याय शुरू हुआ है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। ऐसे में आइए जानते हैं कि आजादी से लेकर अब तक बिहार में सीएम की कुर्सी पर बैठने वाले दिग्गजों की शैक्षिक योग्यता क्या रही है।
श्री कृष्ण सिंह स्वतंत्रता के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की तरफ से बिहार के पहले मुख्यमंत्री बने। मुख्यमंत्री रहते हुए इन्होंने 2 अप्रिल, 1946 से 31 जनवरी, 1961 तक कार्यभार संभाला। इन्होंने पटना यूनिवर्सिटी सेस्नातक किया था।
दीप नारायण सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की और से महज 18 दिन मुख्यमंत्री चेहरा रहे। इनका कार्यभार 1 फरवरी, 1961 से शुरू होकर 18 फरवरी, 1961 को समाप्त हो गया। इनकी शैक्षिक योग्यता को लेकर कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
बिनोदानन्द झाभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से 18 फरवरी, 1961 से 2 अक्टूबर, 1963 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। इन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय के तहत केंद्रीय कलकत्ता कॉलेज (अब मौलाना आजाद कॉलेज) से शिक्षा प्राप्त की।
कृष्ण बल्लभ सहाय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से 2 अक्टूबर, 1963 से 5 मार्च, 1967 तक सीएम की कुर्सी पर काबिज़ रहे। इन्होंने सेंट कोलंबस कॉलेज हजारीबाग से इंग्लिश आनर्स से प्रथम श्रेणी में स्नातक परीक्षा पास की।
महामाया प्रसाद सिन्हा जन क्रांति दल की ओर से 5 मार्च, 1967 से 28 जनवरी, 1968 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। इन्होंने पटना कॉलेजिएट स्कूल और पटना यूनिवर्सिटी से स्नातक किया साथ ही ये एक एथलीट के रूप से भी प्रसिद्ध थे।
सतीश प्रसाद सिंह 28 जनवरी, 1968 से 1 फरवरी, 1968 तक शोषित दल की ओर से मुख्यमंत्री रहे। इन्होंने डीजे कॉलेज, मुंगेर सेबी.एससी. किया। बता दें कि ये केवल पांच दिनों के बहुत छोटे कार्यकाल के लिए बिहार के मुख्यमंत्री रहे थे।
बी. पी. मंडल शोषित दल की ओर से 1 फरवरी, 1968 से 2 मार्च, 1968 तक बिहार के सीएम रहे। मंडल आयोग के अध्यक्ष रहे बी.पी. मंडल ने पटना कॉलेज से अंग्रेजी ऑनर्स की पढ़ाई की थी।
इन्होंने 1968 से 1982 के बीच तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से बिहार के मुख्यमंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति थे। इन्हें दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से 'शास्त्री' की उपाधि से भी नवाजा गया।
हरिहर सिंह 26 फरवरी, 1969 से 22 जून, 1969 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से बिहार के सीएम रहे। इनकी शिक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है लेकिन, ये कवि थे और इन्होंने राष्ट्रवादी विचारों से भरपूर कई देशभक्तिपूर्ण भोजपुरी कविताएं भी लिखीं।
दारोगा राय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से 16 फरवरी, 1970 से 22 दिसंबर, 1970 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। इनकी शिक्षा के बारे में भी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कर्पूरी ठाकुरने 1970 से जून 1971 तक और फिर जून 1977 से अप्रैल 1979 तक दो बार बिहार मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला। इन्होंने मैट्रिक फर्स्ट डिवीजन से पास की थी और सीएम कॉलेज, दरभंगा से उच्च शिक्षा ली थी।
वे मार्च 1972 से 2 जुलाई, 1973 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। इन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से एमए (MA) और एलएलबी (LLB) की डिग्री ली थी।
डॉ जगन्नाथ मिश्रा 6 दिसंबर, 1989 से 30 अप्रैल, 1977 तक तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। इन्हें बिहार के सबसे शिक्षित मुख्यमंत्रियों में गिना जाता है। इन्होंने अर्थशास्त्र में पीएचडी (PhD) की थी और राजनीति में आने से पहले वे प्रोफेसर थे।
राम सुंदर दास जनता पार्टी की ओर से 21 अप्रैल, 1979 से 17 फरवरी, 1980 तक बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर सक्रिय रहे। ये संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे। इन्होंने एमए (संस्कृत) और 'आचार्य' की उपाधि प्राप्त की थी।
चंद्रशेखर सिंह 14 अगस्त, 1983 से मार्च, 1985 तक बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत रहे। इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए किया था।
बिन्देश्वरी दूबे 12 मार्च, 1985 से 13 फरवरी, 1988 तक बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर सक्रिय रहे। ये बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (अब एनआईटी पटना) के छात्र थे, लेकिन वे बीटेक ड्रॉपआउट रहे, यानी उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं की थी।
भागवत झा आजाद 14 फरवरी, 1988 से 10 मार्च, 1989 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। इन्होंने भागलपुर से एम.ए. की पढ़ाई की थी।
सत्येंद्र नारायण सिन्हा 11 मार्च, 1989 से 6 दिसंबर, 1989 तक बिहार के सीएम रहे। इनकी शिक्षा के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इन्होंने 1991 से 1997 तक बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। इन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से एलएलबी (LLB) और राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री ली है।
25 जुलाई, 1997 से 11 फरवरी, 1999 तक बिहार का मुख्यमन्त्री पद सम्भाला। साथ ही राबड़ी देवी बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री भी हैं। ये सबसे कम शिक्षित रही हैं, इनकी शिक्षा मैट्रिक से भी कम (प्रारंभिक शिक्षा) रही।
नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री हैं। सुशासन बाबू के नाम से मशहूर नीतीश कुमार बीटेक (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) हैं। उन्होंने बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (अब NIT पटना) से पढ़ाई की है।
जीतन राम मांझी ने 20 मई, 2014 से 22 फरवरी, 2015 तक मुख्यमंत्री के तौर पर सक्रि्य रहे। इन्होंने गया कॉलेज से इतिहास में स्नातक की डिग्री हासिल की है।
सम्राट चौधरी ने हाल ही बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता अक्सर विरोधियों के निशाने पर रहती है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उन्होंने प्री-फाउंडेशन कोर्स (PFC) किया है। इसके अलावा, उनके पास डॉक्टरेट इन लिटरेचर की मानद उपाधि भी है।
Published on:
16 Apr 2026 10:25 am
