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स्वास्थ्य सेवाओं को अब और भी बेहतर बनाने के लिए ई-डायग्नोस्टिक कंपनियां फ्लेबॉटोमिस्ट प्रोफेशनल्स की मदद ले रही हैं। फ्लेबॉटोमिस्ट प्रोफेशनल द्वारा लिए गए सैंपल के आधार पर कंपनियां मरीजों का रिकॉर्ड तैयार करती हैं। जानिए इस क्षेत्र में कैसे कॅरियर बनाएं...
कौन होते हैं फ्लेबॉटोमिस्ट
फ्लेबॉटोमिस्ट वो प्रोफेशनल्स होते हैं जो मेडिकल टेस्टिंग, ट्रांसफ्यूजन, डोनेशन या मेडिकल रिसर्च के लिए ब्लड सैंपल कलेक्ट करते हैं। ऐसे प्रोफेशनल ब्लड बैंक, हॉस्पिटल, लैबोरेट्रीज और हेल्थ सेंटरों पर काम करते हैं। चूंकि, ई-डायग्नोस्टिक सेंटरों की संख्या बढ़ रही है और कई ई-कॉमर्स कंपनियां ई-डायग्नोस्टिक स्पेस को विकसित करने में रुचि ले रही हैं, ऐसे में मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी के जानकारों की मांग बढ़ रही है।
योग्यता
डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी या बैचलर इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी करके इस क्षेत्र से जुड़ सकते हैं। नर्सिंग के बैचलर डिग्री प्रोग्राम के साथ-साथ फ्लेबॉटोमी में स्पेशल प्रशिक्षण लिया जा सकता है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय फ्लेबॉटोमिस्ट कोर्स प्रशिक्षण की व्यवस्था करता है, जिसमें 12वीं (विज्ञान) उत्तीर्ण छात्र शामिल हो सकते हैं।
संस्थान
इंडियन मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, जालंधर, शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़ और महर्षि मार्कण्डेश्वर विश्वविद्यालय, अंबाला में फ्लेबॉटोमी में कोर्स होता हैं। फ्लेबॉटोमिस्ट बनने के लिए लिखित परीक्षा के सयाथ कम्युनिकेशन स्किल बेहतर होनी चाहिए। मरीजों संग सहानुभूति व सम्मान की भाव होनी जरूरी है।
Published on:
07 May 2019 06:54 pm
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