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Career Options After Sainik School: सैनिक स्कूल से पढ़ाई के बाद क्या-क्या कर सकते हैं? ये रहें टॉप कैरियर ऑप्शन

Career Options After Sainik School: सैनिक स्कूल से पढ़ाई करने के बाद छात्र सेना, सिविल सेवा, कॉरपोरेट, खेल और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में बेहतरीन करियर बना सकते हैं। पढ़ें पूरी जानकारी।

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Jun 04, 2025
Career Options After Sainik School in India (Image Source: AI)

Career Options After Sainik School: सैनिक स्कूल का नाम सुनते ही सबसे पहले सेना का ख्याल आता है। ये स्कूल अपने सख्त अनुशासन, बेहतरीन पढ़ाई और लीडरशिप की ट्रेनिंग के लिए जाने जाते हैं। लेकिन क्या सैनिक स्कूल से पढ़ने के बाद सिर्फ फौज ही एकमात्र रास्ता है? तो इसका जवाब है नहीं! इन स्कूलों से पढ़े छात्र न केवल भारतीय सेना में बल्कि सिविल सेवाओं, कॉरपोरेट, रिसर्च, खेल और बिजनेस जैसे कई क्षेत्रों में भी शानदार करियर बना रहे हैं।

इस आर्टिकल में जानेंगे सैनिक स्कूल से पास होने के बाद कौन-कौन से टॉप करियर विकल्प होते हैं।

भारतीय सेना में करियर

1. नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) और इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA)

    सैनिक स्कूलों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को NDA के लिए तैयार करना होता है।
    NDA पास करने के बाद छात्र IMA में ट्रेनिंग लेते हैं और फिर भारतीय थल सेना (Army) में अधिकारी बनते हैं।

    2. टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES) और आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC)

      जो छात्र साइंस और मैथ्स बैकग्राउंड से होते हैं वे TES के जरिए इंजीनियरिंग और मिलिट्री ट्रेनिंग साथ में कर सकते हैं। ACC के माध्यम से सेना में पहले से काम कर रहे जवान भी ऑफिसर बन सकते हैं।

      भारतीय नौसेना (Indian Navy)

      1. इंडियन नेवल एकेडमी (INA)

        NDA के माध्यम से छात्र भारतीय नौसेना में भी जा सकते हैं। यहां उन्हें नेविगेशन, मरीन इंजीनियरिंग और युद्धपोत संचालन की ट्रेनिंग दी जाती है।

        2. 10+2 B.Tech कैडेट एंट्री स्कीम

          अगर छात्र इंजीनियरिंग में रुचि रखते हैं तो यह स्कीम एक बेहतरीन मौका है। इसमें 4 साल की टेक्निकल ट्रेनिंग के बाद नौसेना में टेक्निकल ऑफिसर बनाया जाता है।

          भारतीय वायुसेना (Indian Air Force)

          1. NDA और AFCAT के जरिए भर्ती

            सैनिक स्कूल के छात्र NDA या AFCAT (Air Force Common Admission Test) के माध्यम से वायुसेना में पायलट टेक्निकल अधिकारी या ग्राउंड ड्यूटी ऑफिसर बन सकते हैं।

            2. ग्राउंड ड्यूटी और टेक्निकल ब्रांच

              जो छात्र इंजीनियरिंग या साइंस में माहिर हैं वे एयरक्राफ्ट सिस्टम, रडार और हथियार तकनीक संभालने वाले विभागों में काम कर सकते हैं।

              सिविल सर्विस और सरकारी नौकरियां

              1. IAS, IPS और अन्य UPSC परीक्षाएं

                सैनिक स्कूल के अनुशासन और लीडरशिप की ट्रेनिंग छात्रों को IAS, IPS, IRS जैसी प्रतिष्ठित नौकरियों में जाने के लिए तैयार करती है। UPSC परीक्षा में सैनिक स्कूल के छात्र जा सकते हैं।

                2. BSF, CRPF, DRDO, ISRO जैसी संस्थाएं

                  सैनिक स्कूल के छात्र रेलवे, बैंकिंग, ISRO, DRDO और BSF जैसी संस्थाओं में भी जा सकते हैं। उनकी प्रोब्लम सॉल्विंग और टीमवर्क की क्षमता इन्हें इन क्षेत्रों में आगे ले जाती है।

                  कॉरपोरेट और मैनेजमेंट करियर

                  1. MBA और मैनेजमेंट रोल्स

                    सैनिक स्कूल के छात्र मैनेजमेंट और कॉरपोरेट सेक्टर में भी करियर बना सकते हैं, जहां वे MBA जैसी डिग्रियों के बाद विभिन्न कंपनियों में नेतृत्व और प्रबंधन की भूमिकाएं निभाते हैं।

                    2. स्टार्टअप और बिजनेस

                      कुछ छात्र खुद का बिजनेस शुरू करते हैं। स्कूल से मिले अनुशासन और जोखिम लेने की क्षमता उन्हें एंटरप्रेन्योर बनने में मदद करती है।

                      उच्च शिक्षा और रिसर्च

                      1. इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी

                        सैनिक स्कूल के छात्र JEE जैसी परीक्षाएं पास कर IITs, NITs और BITS जैसे संस्थानों में दाखिला लेते हैं। वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एयरोस्पेस आदि में रिसर्च और डेवलपमेंट में अपना भविष्य बना सकते हैं।

                        2. सोशल साइंस और लॉ

                          जो छात्र समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान या कानून में रुचि रखते हैं वे UPSC या रिसर्च के जरिए नीति निर्माण और शिक्षा में योगदान दे सकते हैं।

                          खेल और एडवेंचर में करियर

                          1. प्रोफेशनल स्पोर्ट्स

                            सैनिक स्कूल में खेल-कूद को विशेष महत्व दिया जाता है, जिससे छात्र बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, शूटिंग जैसे खेलों में दक्षता हासिल कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर बना सकते हैं।

                            2. एडवेंचर स्पोर्ट्स

                              सैनिक स्कूल में मिले शारीरिक प्रशिक्षण और साहसिक गतिविधियों के अनुभव से छात्र ट्रैकिंग, पर्वतारोहण, स्काईडाइविंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स में भी करियर बना सकते हैं, जहां वे प्रोफेशनल ट्रेनर या एडवेंचर गाइड के रूप में काम करते हैं।

                              सैनिक स्कूल केवल सेना में भर्ती की तैयारी तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह छात्रों को जीवन के हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सक्षम बनने की ठोस बुनियाद देता है। सेना से लेकर सिविल सेवा, कॉरपोरेट से लेकर रिसर्च और खेल तक यहां की शिक्षा और अनुशासन छात्रों को हर दिशा में सफल होने के काबिल बनाती है।

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