CBSE द्वारा न तो परीक्षा शुल्क और न ही पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा।
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने उन छात्रों की परीक्षा और पंजीकरण शुल्क माफ करने की घोषणा की है, जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता को खो दिया है।
सीबीएसई ने सभी स्कूलों से उचित सत्यापन के बाद इन छात्रों का विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। सीबीएसई द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार कोरोना महामारी ने देश पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।
छात्रों पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए एक विशेष उपाय के रूप में फैसला किया है। बोर्ड द्वारा न तो परीक्षा शुल्क और न ही पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा।
सीबीएसई ने उन छात्रों को भी शामिल किया है जिन्होंने कोरोना महामारी की वजह से अपने माता-पिता या जीवित माता-पिता या कानूनी अभिभावक/दत्तक माता-पिता दोनों को खो दिया है।
स्कूल एलओसी जमा करते समय इन छात्रों की वास्तविकता की पुष्टि करने के बाद ही इसका विवरण देंगे। नोटिस में कहा गया है। सीबीएसई ने इससे पहले सभी स्कूलों से 10वीं और 12वीं के अभ्यर्थियों की सूची 30 सितंबर तक बिना लेट फीस और 9 अक्टूबर तक लेट फीस के साथ भेजने को कहा था।
गौरतलब है कि आवेदन करने के लिए छात्रों को पहले के नियमों के अनुसार बोर्ड परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा। गौरतलब है कि पांच विषयों के लिए प्रति उम्मीदवार 1500 रुपये और 1200 रुपये तक का सामान्य शुल्क जमा करना होता है।