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शिक्षकों से पहले बच्चे पहुंचे स्कूल और खोला ताला, शिक्षकों के समय पर नहीं आने से पालकों में नाराजगी

बुधवार से नए शिक्षण सत्र की शुरुआत हो गई। पहले दिन स्कूलों में अभिभावकों व बच्चों की चहल-पहल देखी गई। लंबे समय बाद स्कूल खुलने पर बच्चों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी।

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बुधवार से नए शिक्षण सत्र की शुरुआत हो गई। पहले दिन स्कूलों में अभिभावकों व बच्चों की चहल-पहल देखी गई। लंबे समय बाद स्कूल खुलने पर बच्चों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी।

New Academic Session बुधवार से नए शिक्षण सत्र की शुरुआत हो गई। पहले दिन स्कूलों में अभिभावकों व बच्चों की चहल-पहल देखी गई। लंबे समय बाद स्कूल खुलने पर बच्चों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। दोस्तों से मुलाकात हुई। स्कूलों में भी रौनक आ गई। लंबे समय बाद स्कूलों की घंटी भी सुनाई दी। शिक्षण सत्र का पहला दिन स्कूल में बैंच-टेबल को व्यवस्थित करने एवं शाला प्रवेश उत्सव में ही बीता।

पहले दिन 70 फीसदी रही बच्चों की उपस्थिति

जून के बचे पूरे दिन प्रवेश उत्सव चलेगा। एक जुलाई से समय सारिणी अनुसार पढ़ाई शुरू हो जाएगी। हालांकि पहले दिन बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत नहीं रही। शिक्षा विभाग का दावा है कि जिले भर में 70 फीसदी बच्चे ही स्कूल आए।

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बच्चे करते रहे शिक्षकों का इंतजार

स्कूल सत्र के पहले दिन थोड़ी अव्यवस्था देखने को मिली। बच्चों को स्कूल सुबह 9 बजे बुलाया गया, लेकिन शहर के बाल मंदिर में बच्चे पहले आ गए थे। शिक्षक नहीं पहुंचे थे, जिससे पालक नाराज दिखाई दिए।

कहीं खीर-पूड़ी, कहीं मिठाई का वितरण

नए शिक्षण सत्र के पहले दिन कई स्कूलों में शिक्षकों व शाला प्रबंध समितियों ने बच्चों का मुंह मीठा कराया। कई स्कूलों में माध्याह्न भोजन में खीर-पूड़ी खिलाई। नवप्रवेशी बच्चों को गणवेश व पाठ्य पुस्तक वितरण किया गया।

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स्कूलों में रंग रोगन नहीं, टेबल कुर्सी में धूल

जिले के कई स्कूलों में रंग रोगन नहीं कराया गया, जिससे सुंदरता कम नजर आई। कई स्कूलों में कमरों की साफ-सफाई भी नहीं हुई थी। टेबल-कुर्सियां व बैंच पर जमी धूल को भी हटाने में लगे रहे। हालांकि अधिकांश स्कूलों में सफाई कर्मियों ने स्कूलों की साफ-सफाई पहले से कर ली थी।

तेज बारिश स्कूल में ही फंसे रहे बच्चे

सुबह बदली के कारण बच्चे बिना छाते व रेनकोट के स्कूल गए थे। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला व शाम साढ़े चार बजे से तेज बारिश हुई। इसके कारण बच्चे काफी देर तक स्कूलों में ही फंसे रहे। बारिश थमने के बाद ही घर गए।

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इस बार विशेष तरीके से कराई जाएगी पढ़ाई

जिला शिक्षा अधिकारी बालोद पीसी मरकले ने कहा कि जिले में नए शिक्षण सत्र की शुरुआत हो चुकी है। सभी स्कूलों में पर्याप्त सुविधाएं हैं। सभी स्कूली व नवप्रवेशी बच्चों को नए शिक्षण सत्र व उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। इस बार स्कूलों में विशेष तरीके से पढ़ाई कराई जाएगी।


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