
नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्र निर्माण के लिए देश के हर नागरिक से एक गरीब बच्चे को शिक्षा देने का आह्वान किया है। कोविंद ने आजादी की 70 वीं वर्षगांठ पर राष्ट्र के नाम सन्देश में यह आह्वान किया। उन्होंने कहा, राष्ट्र निर्माण के लिए जरुरी है कि हम अपनी भावी पीढ़ी पर पूरा ध्यान दें आर्थिक या सामाजिक सीमाओं के कारण हमारा एक भी बच्चा पीछे न रह जाए। इसलिए मैं राष्ट्र निर्माण में लगे आप सभी लोगों से समाज के गरीब बच्चों की शिक्षा में मदद करने का आग्रह करता हूं,अपने बच्चे के साथ किसी एक और बच्चे की पढ़ाई में भी मदद करें।
उन्होंने कहा कि यह मदद किसी बच्चे का स्कूल में दाखिला करवाना हो सकता है, किसी बच्चे की फीस भरनी हो सकती है या किसी बच्चे के लिए किताबें खरीदनी हो सकती हैं,ज्यादा नहीं सिर्फ एक बच्चे के लिए समाज का हर आदमी नि:स्वार्थ भाव से ऐसे काम करके राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका रेखांकित कर सकता है। राष्ट्रपति ने कहा, आज भारत उपलब्धियों के प्रवेश द्वार पर खड़ा है। अगले कुछ वर्षों में हम एक पूर्ण साक्षर समाज बन जाएंगे, हमें शिक्षा के मापदंड और भी ऊंचे करने होंगे तभी हमारा समाज एक पूर्णतया शिक्षित और सुसंस्कृत बन सकेगा।
उन्होंने कहा, हम सभी इन लक्ष्यों को पाने में साझीदार हैं, जब हम इन लक्ष्यों को हासिल करेंगे तो हम अपनी आंखों के सामने अपने देश में होता हुआ व्यापक बदलाव देख सकेंगे, इस प्रकार हम बदलाव के वाहक बनेंगे। इस प्रकार हम इस बदलाव के वाहक बनेंगे। राष्ट्र निर्माण की दिशा में किया गया यह प्रयास ही हम सबकी सच्ची साधना होगी। ढाई हजार वर्ष पहले गौतम बुद्ध ने कहा था, अप्प दीपो भव, यानी अपना दीपक स्वयं बनो।’
उन्होंने कहा, यदि हम उनकी शिक्षा को अपनाते हुए आगे बढ़ें तो हम सब मिलकर आजादी की लड़ाई के दौरान उमड़े जोश और उमंग की भावना के साथ सवा सौ करोड़ दीपक बन सकते हैं, ऐसे दीपक जब एक साथ जलेंगे तो सूर्य के प्रकाश के समान वह उजाला सुसंस्कृत और विकसित भारत के मार्ग को आलोकित करेगा।
Published on:
15 Aug 2017 12:41 pm
बड़ी खबरें
View Allशिक्षा
ट्रेंडिंग
