
General Science Questions and answers in hindi mock test online
General Science GK: रोजमर्रा के जीवन में हमारे साथ कई वैज्ञानिक घटनाएं घटती हैं, जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं या फिर हमें उनका पता ही नहीं चलता। हम ऐसी ही कुछ चीजों के पीछे छिपे विज्ञान के बारे में यहां जानेंगे।
प्रश्न (1) - गर्मी के मौसम में सफेद कपड़े पहनना क्यों बेहतर रहता है?
सफेद कपड़े सूर्य की विकिरित ऊष्मा को अधिकांश अंश परावर्तित कर देते हैं, जिससे सूर्य की गर्मी सफेद कपड़ों के भीतर बहुत कम प्रवेश कर पाती है। जबकि काला या गहरा रंग का वस्त्र विकसित ऊष्मा का अवशोषण सफेद वस्त्र की अपेक्षा अधिक करता है।
प्रश्न (2) - दिन के प्रकाश में हरी पत्ती तो हरी दिखती है, लेकिन लाल प्रकाश में काली क्यों दिखाई देती है?
सूर्य का प्रकाश श्वेत है। यह सात रंगों से मिलकर बना होता है। जब सूर्य का श्वेत प्रकाश हरी पत्तियों पर पड़ता है तो पत्तियां द्वारा हरे रंग को छोडक़र अन्य 6 रंगों को अवशोषण हो जाता है, जबकि हरे रंग का परावर्तन हो जाता है। इस परावर्तन के कारण ही हमें दिन के प्रकाश में पत्ती का रंग हरा नजर आता है। वहीं, जब पत्ती को लाल प्रकाश में देखा जाता हैं यानी की जब पत्ती पर सिर्फ लाल प्रकाश पड़ता है तो पत्ती द्वारा लाल रंग का पूरा अवशोषण कर लिया जाता है और इसीलिए पत्ती हमें काली नजर आती है।
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प्रश्न (3) - पंखा झलने पर शीतलता या ठंडक क्यों महसूस होती है?
जब कोई व्यक्ति पंखा झलता है तो इससे शरीर और हवा का आपस में बार-बार स्पर्श होता है और यह प्रक्रिया बार बार होने के साथ ही तेज गति से भी होता है। इससे शरीर की त्वचा पर मौजूद नमी का वाष्पीकरण होता है। वाष्पीकरण की क्रिया के दौरान शरीर की ताप कुछ स्तर तक खर्च हो जाता है और इसके कारण व्यक्ति शीतलता या ठंडक महसूस करता है।
प्रश्न (4) - एक भारी पत्थर हवा में उठाना मुश्किल है, जबकि यही पत्थर जल में उठाना आसान क्यों होता है?
आर्कीमिडीज के सिद्धांत के अनुसार किसी वस्तु को किसी लिक्विड में पूर्ण रूप से या आंशिक डुबाए जाने पर इसके भार में प्रत्यक्ष कमी होती है। यह कमी वस्तु द्वारा विस्थापित लिक्विड के भार के बराबर होती है। यही कारण है कि जल में पत्थर के भार में कमी आ जाती है, जिससे पत्थर को आसानी से उठाया जा सकता है।
प्रश्न (5) - मोटे शीशे के बर्तन में गर्म तरल पदार्थ डाले जाने पर बर्तन टूट क्यों जाता है?
मोटा शीशा ताप का कुचालक होता है। जब एक मोटे शीशे के बर्तन में गर्म तरल पदार्थ डाला जाता है तो बर्तन के भीतरी भाग में तो ताप का प्रसार होता है परंतु शीशे के कुचालक होने के कारण बर्तन के बाहरी भाग में ताप का प्रसार नहीं हो पाता है और बर्तन के बाहरी दीवार पूर्व के अवस्था में बनी रहती है। इसीलिए शीशे का बर्तन अनियमित प्रसार के कारण टूट जाता है।
Published on:
25 Nov 2019 01:00 pm
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