
ग्वालियर में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों का धरना प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली के विरोध में अभिभावक और आम नागरिकों ने मंगलवार को धरना देकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। जिले के निजी स्कूलों में चल रही खुली लूट का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने जिला कार्यालय परिसर में धरना दिया। अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षा पर स्कूल संचालकों और स्टेशनरी विक्रेताओं की मिलीभगत से लूट हो रही है।
प्रशासन की शह से स्कूली स्टेशनरी का विक्रय हो रहा है
इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए विजय याग्निक ने कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री तमाम मंचों से घोषणा कर शिक्षा को सुलभ और सरलता से उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसे में तमाम स्कूल संचालकों और प्रशासन की मिलीभगत से स्कूली स्टेशनरी का विक्रय हो रहा है। स्कूल संचालकों द्वारा स्वयं के प्रकाशन से पुस्तकें छपवाकर मनमाने दामों पर बेची जा रही हैं और अभिभावकों को संबंधित दुकानों से स्टेशनरी खरीदने को बाध्य किया जा रहा है।
शिक्षा को लाभ का धंधा बनाया जा रहा है
सामजिक कार्यकर्ता हरिमोहन ने इस मौके पर कहा कि भारत पहला ऐसा देश है, जहां शिक्षा को लाभ का धंधा बनाया जा रहा है। महात्मा गांधी ने कहा था कि किसी भी देश की 'सरकार जो सोचती है यदि' वैसा बोलती है और जैसा बोलती' है वैसा करती है, यदि इनमें' 'सामन्जस्य है तब उस देश की' प्रगति को कोई नही रोक सकता।
ये लोग धरने में उपस्थित रहे
धरना में मुख्य रूप से सपन भारद्वाज, बी़ बी जोशी, सुधीर सप्रा, रोहित गुप्ता, अमन श्रीवास, धर्मेद्र कुशवाहा, अमर सिंह मीणा, राजवीर सिंह पटेल, यतेंद्र राठौर, जितेंद्र पवैया, सतेंद्र नीखरा, कुलदीप बाथम, लाखन चौरसिया आदि उपस्थित रहे।
Published on:
10 Jul 2018 07:15 pm
बड़ी खबरें
View Allशिक्षा
ट्रेंडिंग
