
प्रौद्योगिकी ने आज जीवन के लगभग हर पहलू को प्रभावित किया है और शिक्षा कोई अपवाद नहीं है। क्या वाकई तकनीक ने शिक्षा को प्रभावित किया है? कुछ मायनों में शिक्षा वैसी ही दिख रही है, जितनी कई वर्षों पहले थी। हालांकि, कई मायनों में प्रौद्योगिकी ने शिक्षा को कई मायनों में बदल दिया है। इसमें, शिक्षा प्रणाली में हुए बदलावों में गूगल का भी बहुत बड़ा हाथ है। गूगल आज स्टूडेंट्स के लिए वो काम कर रहा है जो पिछली पीढ़ी के लिए नोटबुक पेपर ने किया था। हां, यह सही है कि स्कूलों में बच्चे आज भी नोटबुक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आज के बच्चे क्लासरूमें नोट्स लिखने के लिए नोटबुक की बजाए Chromebook का इस्तेमाल करना ज्यादा पसंद करते हैं।
मध्ययुगीन काल में किताबें दुलर्भ थीं और केवल कुछ ही अभिजात वर्ग के लोगों के पास शिक्षा के अवसरों तक पहुंच थी। शिक्षा प्राप्त करने के लिए लोगों को दूशरे शहरों में जाना पड़ता था। आज इंटरनेट के माध्यम से बड़ी मात्रा में जानकारी उपलब्ध हो जाती है। क्लासरूम की दीवारें अब बाधा नहीं हैं क्योंकि आज प्रौद्योगिकी सीखने के लिए तकनीक को आसानी से उपलब्ध करवा देती है। प्रौद्योगिकी ने शिक्षकों और शिक्षार्थियों की भूमिकाओं को बदलना भी शुरू कर दिया है।
इंटरनेट पहले से ही विकसित देशों में शिक्षा का एक अभिन्न अंग है और इसी के चलते पिछले कुछ दशकों में दुनियाभर में इसका शैक्षिक महत्व बढ़ता गया है। कई लोगों के लिए, इंटरनेट हमेशा एक अंतर्निहित शैक्षिक टूल रहा है। इसी के चलते, आज गूगल एक शैक्षिक विशालकाय के रूप में स्कूलों में प्रवेश कर गया है। आज करीब 30 मिलियन से अधिक स्कूली बच्चे क्रोमबुक और गूगल के शिक्षा के एप्लिकेशन का इस्तेमाल करते हैं।
Published on:
21 Sept 2019 01:54 pm
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