
success in life
कम्फर्टेबल लाइफ के चक्कर में हमने अपने लक्ष्यों से दूरी बना ली
ऑनलाइन शॉपिंग और फूड डिलीवरी के जमाने में अगर आप किसी से पूछेंगे कि वह अपनी लाइफ में क्या चाहता है तो जबाव एक ही मिलेगा- कम्फर्टेबल लाइफ Comfortable life। 'क्लिक एंड डन' 'Click and Done' के जमाने ने लाइफ को कुछ ज्यादा ही कम्फर्टेबल Comfortable बना दिया है। हमारी जरूरतें तो केवल एक क्लिक की दूरी पर हैं लेकिन लक्ष्य, उनका क्या? कम्फर्टेबल लाइफ के चक्कर में हमने अपने लक्ष्यों से दूरी बना ली है। हमें लगता है कि हर लक्ष्य आसानी से मिल जाएगा। हमने कड़ी मेहनत की आदत भुला दी है। हमें लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अपनी आरामदायक जीवनशैली पर लगाम लगानी होगी। हमें लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए फोकस करना होगा। हमारा ध्यान भटकता रहेगा तो कभी सफलता प्राप्त नहीं कर पाएंगे। हमें दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्यों को पाने के लिए मेहनत करनी होगी। हमें लक्ष्य प्राप्ति की प्लानिंग करनी होगी। हमें अपने प्लान को एग्जीक्यूट करने के बेहतर और स्मार्ट तरीकों पर फोकस करना होगा।
जितना बड़ा लक्ष्य, उतनी ज्यादा मेहनत
सफलता किसी ऐप पर उपलब्ध नहीं है, जिसे आप ऑनलाइन डिलीवरी करके मंगा सकते हैं। सपने क्लिक से नहीं, मेहनत से पूरे किए जाते हैं। कठिन रास्तों पर से गुजरना पड़ता है, तब जाकर एक व्यक्ति सफलता का स्वाद चख पाता है। याद रखिए कि आप जितनी मेहनत करेंगे, उतना ही सफलता का घड़ा भर सकेगा। अगर लक्ष्य बड़ा है तो मेहनत भी दोगुनी करनी होगी। सफलता के लिए शुरुआत अभी से करनी होगी। आपका प्यार, आपकी पूजा, आपका ईश्वर सब कुछ आपका लक्ष्य ही होना चाहिए। इसलिए आज और अभी से अपने लक्ष्य को पाने में जुट जाइए और तब तक जुटे रहिए, जब तक आप सफलता के शिखर पर पहुंच नहीं जाते। एक बार सफल होने के बाद आपको रुकना नहीं है, बल्कि लगातार सफलता अर्जित करनी है।
कल पर न टालें कोई काम
हम में से बहुत कम ही ऐसे हैं, जो अपने लक्ष्यों को पूरा कर पाते हैं। अन्य लोग लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाने के बजाय इसे आसान बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोग हर रात केवल ये सोचकर सोते हैं कि हम कल से लक्ष्य की पूर्ति की शुरुआत करेंगे। लेकिन उनका वह कल कभी नहीं आ पाता और वक्त बीतने के बाद वे केवल अफसोस करते रह जाते हैं कि काश उस वक्त मैंने ये कर लिया होता तो आज मै यहां न होता। आप ऐसे न बनें। आज का काम अभी पूरा करें।
रोज चढ़ें मेहनत की सीढिय़ां
अगर आपने अपनी जिंदगी में लक्ष्य निर्धारित किए हैं तो उन तक पहुंचने के लिए हर रोज मेहनत की सीढिय़ां चढऩी जरूरी हैं। जितना सुंदर लक्ष्य होगा, आपको उतनी ही कड़ी मेहनत करनी होगी। जो लोग यह सोचते हैं कि यह काम संभव नहीं है, वे गलत सोचते हैं। इस दुनिया में कुछ भी नामुमकिन नहीं है। लक्ष्य चाहे कितना भी कठिन क्यों न हो, अगर हम दृढ़ता के साथ उस रास्ते पर चलते चले जाएं तो हमें अपनी मंजिल जरूर मिलेगी।
Published on:
23 Dec 2019 10:24 am
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