
Happiness Course: ऐसे तो खुश रहने की कला सीखना हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है। इसके लिए कोर्स करने की जरूरत नहीं। लेकिन आपको जानकर थोड़ी हैरानी होगी कि अब कॉलेज में भी इसे शुरू किया जाने वाला है। MBA के सिलेबस में ‘हैप्पीनेस कोर्स’ कराया जाएगा। मैनेजमेंट के छात्रों को खुश रहने के गुण सीखाए जाएंगे। इस कोर्स की मदद से उन्हें कॉरपोरेट लाइफ में काफी फायदा होगा।
MBA का सिलेबस का काफी बड़ा होता है। इसमें कॉरपोरेट लाइफ और मैनेजमेंट के लिए जरूरी सभी स्किल्स में बारे में पढ़ाया जाता है। अब कई IIM और कुछ ग्लोबल मैनेजमेंट कॉलेजों में MBA सिलेबस में हैप्पीनेस कोर्स पर फोकस किया जा रहा है। भारत के कुल 5 IIM के एमबीए सिलेबस (MBA Syllabus) में हैप्पीनेस कोर्स शुरू किया जा चुका है। आने वाले समय में अन्य IIM के एमबीए कोर्स में भी इसे शामिल किया जा सकता है।
ऐसा माना जाता है कि एमबीए के सिलेबस (MBA Syllabus) में हैप्पीनस कोर्स पर फोकस करना एक ग्लोबल ट्रेंड बन चुका है। द लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) और बर्कले में स्थित द यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में भी 4-8 हफ्तों के कई कोर्स शुरू किए गए हैं, जो खुशियों से भरपूर मीनिंगफुल लाइफ पर आधारित हैं। इनमें खुशियों की साइंस पढ़ाई जाती है। ग्लोबल मैनेजमेंट कॉलेज के कोर्स कई भाषाओं में उपलब्ध हैं।
आईआईएम रांची (IIM Ranchi)
यहां BBA/MBA इंटीग्रेटेड कोर्स में ‘साइंस ऑफ हैप्पीनेस’ नाम से एक विषय पढ़ाया जाता है। इस कोर्स से टर्म 4 में 1.5 क्रेडिट्स मिलते हैं।
आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad)
आईआईएम अहमदाबाद ने हैप्पीनेस, इमोशनल स्टेबिलिटी और हेल्थ इकोनॉमिक्स कोर्स शुरू किया है।
आईआईएम बैंगलोर (IIM Bangalore)
यहां ‘Crafting Realities: Work, Happiness, and Meaning’ कोर्स पढ़ाया जा रहा है। 6 हफ्ते के इस कोर्स के लिए हफ्ते में 5-6 घंटे पढ़ना होता है।
Updated on:
24 Oct 2024, 3:43 PM IST
Published on:
14 Sep 2024, 3:11 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.