scriptभारत के विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप की आवश्यकता : डॉ. रंगराजन | Patrika News
शिक्षा

भारत के विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप की आवश्यकता : डॉ. रंगराजन

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संगठन वर्तमान में 13,845 डॉलर और उससे अधिक प्रति व्यक्ति आय वाले देशों को विकसित देशों के रूप में वर्गीकृत करते हैं। 2047 में यह स्तर और अधिक होगा। अभी प्रति व्यक्ति आय 2,500 डॉलर है, जो दर्शाता है कि हमें कितनी दूरी तय करनी है।

बैंगलोरJun 20, 2024 / 10:04 am

Nikhil Kumar

Dr. B.R. Ambedkar School of Economics University ने बुधवार को अपना पहला दीक्षांत समारोह मनाया। Reserve Bank Of India के पूर्व गवर्नर व समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. सी. रंगराजन ने कहा, देश और विदेश में हाल के घटनाक्रमों के मद्देनजर, हमें भारत के विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप की आवश्यकता है। लोगों की अपेक्षाएं बहुत स्पष्ट हैं। हम आजादी के 100 वर्ष पूरे होने यानी 2047 तक एक विकसित देश बनना चाहते हैं।
रोजगार सृजन सबसे कठिन चुनौती

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संगठन वर्तमान में 13,845 डॉलर और उससे अधिक प्रति व्यक्ति आय वाले देशों को विकसित देशों के रूप में वर्गीकृत करते हैं। 2047 में यह स्तर और अधिक होगा। अभी प्रति व्यक्ति आय 2,500 डॉलर है, जो दर्शाता है कि हमें कितनी दूरी तय करनी है। उन्होंने कहा कि रुपए की भविष्य की विनिमय दर और घरेलू मुद्रास्फीति के बारे में कुछ मान्यताओं के आधार पर, हमें प्रति व्यक्ति आय के इस स्तर को प्राप्त करने के लिए 6 से 7 प्रतिशत की औसत वार्षिक वास्तविक वृद्धि दर की आवश्यकता है।
विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर

समारोह की अध्यक्षता कर रहे Governor Thaawarchand Gehlot ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रशंसा की और एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री के रूप में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचारों और नीतियों को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने कई ऐसे फैसले लागू किए हैं, जिनसे देश एक मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है।
खुद को किया समर्पित

उच्च शिक्षित डॉ. अंबेडकर लंदन, अमरीका या कहीं और उच्च पद पर रहकर शानदार जीवन जी चुन सकते थे। इसके बजाय, उन्होंने सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक असमानताओं को दूर करने, समानता और सद्भाव का माहौल बनाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया।
राज्यपाल गहलोत ने India के भविष्य को आकार देने में अर्थशास्त्रियों की भूमिका के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, सफल अर्थशास्त्री जटिल आंकड़ों का अध्ययन करते हैं और वित्तीय संस्थानों को सलाह देने के लिए अपने निष्कर्षों का उपयोग करते हैं। नीतियों और निवेशों पर उनकी अंतर्दृष्टि महत्वपूर्ण है। हमारा देश, दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत को दुनिया के विकसित देशों में सबसे आगे रखने के लिए सक्रिय प्रयास आवश्यक हैं। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. एम. सी. सुधाकर और कुलपति डॉ. एन. आर. भानुमूर्ति ने भी समारोह में हिस्सा लिया।
अर्थशास्त्रियों के लिए बहुत सारे अवसर


मीरा मोहन ने 5 साल के एकीकृत एमएससी इन इकोनॉमिक्स (2018-2023) में प्रथम रैंक हासिल की। उसने कहा कि सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में अर्थशास्त्रियों के लिए बहुत सारे अवसर हैं और नौकरियां अच्छी तरह से भुगतान करती हैं। अधिक से अधिक लोगों को आर्थिक पाठ्यक्रमों का चयन करना चाहिए। अर्थशास्त्र में तीसरा रैंक हासिल करने वाली मंजूश्री ने कहा, अर्थशास्त्र में बहुत सारे अवसर हैं और केवल छात्रों को इसे आगे बढ़ाना चाहिए।

Hindi News/ Education News / भारत के विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप की आवश्यकता : डॉ. रंगराजन

ट्रेंडिंग वीडियो