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देश के टॉप मेडिकल संस्थान AIIMS Delhi में फैकल्टी की भारी कमी, 4 सालों से No Vacancy, RTI में खुलासा

AIIMS Delhi: भारत के सबसे बड़े अस्पताल और प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट में से एक एम्स दिल्ली में एक तिहाई से अधिक पद खाली हैं। एक आरटीआई के जवाब में दिल्ली एम्स की ओर से ये जानकारी दी गई।

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AIIMS Delhi

AIIMS Delhi: भारत के सबसे बड़े अस्पताल और प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट में से एक एम्स दिल्ली में एक तिहाई से अधिक पद खाली हैं। एक आरटीआई के जवाब में दिल्ली एम्स की ओर से ये जानकारी दी गई। एक तरफ कुल पदों में से 35 प्रतिशत पद खाली हैं तो वहीं दूसरी ओर एम्स दिल्ली में दो सालों से कोई नई भर्ती नहीं हुई है।

मार्च के महीने में एम्स ने दी ये जानकारी

एम्स दिल्ली ने 18 मार्च 2025 को एक आरटीआई (RTE) के जवाब ये जानकारी दी। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, एक्टिविस्ट एमएम शुजा ने इस साल जनवरी में एम्स दिल्ली के बारे में जानकारी मांगी थी। एम्स दिल्ली ने इस RTE के जवाब में बताया कि कुल स्वीकृत 1,235 संकाय पदों में से 430 रिक्त पड़े हैं जोकि कुल पदों का 35 प्रतिशत है। 

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2022 से नहीं हुई है भर्ती

एम्स दिल्ली ने स्वीकार किया किए बीते कुछ सालों में संस्थान के हायरिंग प्रोसेस की गति धीमी हुई है। 2019 में एम्स ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 172 पदों के लिए विज्ञापन दिया था, लेकिन केवल 110 उम्मीदवार ही शामिल हुए। 2021 और 2022 में, संस्थान ने 270 फैकल्टी पदों (कॉलेज ऑफ नर्सिंग सहित) के लिए विज्ञापन दिया, लेकिन केवल 173 असिस्टेंट प्रोफेसर और 3 एसोसिएट प्रोफेसर ही शामिल हुए। एम्स ने वर्ष 2020, 2023, 2024 में कोई नई भर्ती नहीं की है। वहीं 2025 के अभी तक के महीनों का रिकॉर्ड भी देखें तो संस्थान ने कोई भर्ती नहीं की है।

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खाली सीट्स के कारण पढ़ाई हो रही प्रभावित 

दिल्ली एम्स में मेडिकल ऑफिसर के 17 प्रतिशत पद खाली हैं। वहीं नॉन-टीचिंग स्पेशलिस्ट के 38 प्रतिशत पद और टीचिंग स्पेशलिस्ट के 22 प्रतिशत पद खाली हैं। विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि भर्ती में यह कमी इंस्टीट्यूट के कामकाज और टीचिंग क्वालिटी को प्रभावित कर सकता है। देश का सबसे बड़ा हेल्थ केयर और रिसर्च सेंटर, एम्स दिल्ली हर साल हजारों मरीजों का इलाज करता है।