
Jamia Millia Islamia
जामिया मिलिया इस्लामिया (जेएमआई) के सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एंडरप्रॉन्योरशिप (सीआईई) ने दो एनजीओ के साथ मेंमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) साइन किया है। इसके पीछे मकसद है शहीद हुए जवानों के परिवारों की रोजी रोटी के लिए डेवपमेंट प्रोग्राम शुरू करना। यह एमओयू वीर नारी शक्ति रीसेटलमेंट फाउंडेशन और अरुणोदय सेवा संस्थान के साथ साइन किए गए हैं। इसके तहत तीन पार्टनरिंग इंस्टीट्यूशंस में कोलैबोरेटिव एक्सचेंज व ट्रेनिंग प्रोग्राम्स शुरू होंगे।
सीआईई दोनों एंजीओ से ईडीपी प्रोग्राम्स के तहत ट्रेनिंग देगा। सीआईई आर्म्ड फोर्सेस और पैरामिलिट्री फोर्सेस के शहीदों के परिवारों को ट्रेनिंग देगा जिससे वे खुद का कोई कारोबार या रोजगार कर सकेंगे। आपको बता दें कि वीर नारी शक्ति रीसेटलमेंट फाउंडेशन युद्ध वीरांगनाओं, शहीदों की वीरांगानाओं, नेक्स्ट ऑफ किन (एनओके), वॉर डिसएबल्ड की डिपेंडेंट्स और पत्नी, बैटल कैजुअल्टी, डिसएबल्ड सर्विंग डिफेंस पर्सोनल और इंडियन आर्म्ड फोर्सेस और इंडिया व नेपाल के पैरामिलिट्री फोर्सेस के वेटरंस के लिए काम करती है।
वहीं अरुणोदय सेवा संस्थान गरीब बच्चों, युवाओं और महिलाओं को शिक्षित करने के साथ ही मार्केट फोकस्ड लाइवलीहुड प्रग्राम्स पर काम करती है। सीआईई के डायरेक्टर प्रोफेसर जिशान हुसैन खान, अरुणोदय सेवा संस्थान के प्रेसिडेंट ए के तिवाड़ी और वीर नारी शक्ति रीसैटलमेंट फाउंडेशन के ट्रस्टी प्रशांत तिवारी ने २३ जुलाई को यह एमओयू साइन किया। अरुणोदय सेवा संस्थान स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए पार्टिसिपेंट्स को स्पॉन्सर करेंगे और रोजगार पाने में भी मदद करेंगे। इतना ही नहीं वे पार्टिसिपेंट्स को सेल्फ एम्पलॉएमेंट में भी मदद करेंगे और सीएसआर के जरिए जामिया मिलिया इस्लामिया के लाइवलीहुड बिजनेस इनक्यूबेटर के लिए फंड्स भी उपलब्ध करवाएंगे।
आपको बता दें कि जामिया मिलिया इस्लामिया के इस कदम से कई शहीदों के परिवारों में खुशियां लौटेंगी। वे अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे और अपना गुजर बसर अच्छे से कर पाएंगे। वर्तमान में शहीदों के ऐसे बहुत से परिवार है जिन्हें आर्थिक मदद और रोजगार की जरूरत है। यह प्रोग्राम उनकी इन जरूरतों को पूरा कर सकेंगे।
Published on:
26 Jul 2018 03:16 pm
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