
Motivational Quotes: ‘गुरु गोविंद दोऊं खड़े, काके लागूं पांय…’ इस दोहे को आपने भी कभी सुना होगा। कबीर का ये दोहा हर बच्चे को सुनाया या सिखाया जाता है। संत कबीरदास भक्तिकाल के प्रमुख कवियों में से एक माने जाते थे। उन्होंने कई ऐसी बातें लिखी हैं, जो आज भी छात्रों की सिखाया जाता है। आइए, जानते हैं उनके सुविचार जो छात्रों के लिए बेस्ट मोटिवेशनल कोट्स (Motivational Quotes) हैं।
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।
जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय॥
इसका मतलब है कि जब मनुष्य बुराई खोजने लगा तो उसे खुद से बुरा कोई नहीं मिला।
धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय।
माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय॥
संत कबीर की लिखी ये पंक्ति छात्रों के लिए मोटिवेशन का काम करती है। इसका अर्थ है धैर्य रखने से ही सभी काम पूरे होते हैं। कबीर कहते हैं कि माली किसी पेड़ को सौ घड़े पानी से सींचने लगे तब भी फल ऋतु आने पर ही लगेंगे।
बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।
पंथी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर।।
कबीर के इस दोहे का अर्थ है कि जिस प्रकार खजूर के पेड़ की उंचाई के कारण न वो छाया दे सकता है और न उसके फल को आसानी से तोड़ा जा सकता है। उसी प्रकार व्यक्ति कितना भी बड़ा हो जाए यदि उसके भीतर विनम्रता नहीं है और किसी की मदद नहीं कर सकता तो उसका जीवन बेकार है।
काल करे सो आज कर, आज करे सो अब
पल में परलय होएगी, बहुरी करोगे कब
कबीर के इस दोहे का अर्थ है कि कल का काम आज ही खत्म करें और आज का काम अभी ही खत्म करें। ऐसा न हो कि प्रलय आ जाए और सब खत्म हो जाए और आप कुछ न कर पाएं।
Updated on:
23 Jun 2024 06:15 pm
Published on:
23 Jun 2024 06:15 pm
