
MTech Course: अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) ने बीटेक और एमटेक प्रोग्राम से जुड़ा बड़ा खुलासा किया है। AICTE का कहना है कि देश में बीटेक डिग्री में छात्रों को उचित पैकेज और जॉब अवसर नहीं मिलने के कारण उनका एमटेक के प्रति रुझान कम हो रहा है। AICTE ने इससे जुड़ा एक आंकड़ा भी पेश किया है। जारी आंकड़े के अनुसार, सत्र 2023-24 में केवल करीब 45000 विद्यार्थियों ने एमटेक में प्रवेश लिया जबकि 2017-18 में यह संख्या 68677 थी।
कम सीटों के बावजूद भी एमटेक प्रोग्राम की दो तिहाई सीटें खाली रह गई हैं। पिछले दो सत्रों में सबसे कम दाखिले हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि बीटेक-एमटेक में पैकेज का ज्यादा लाभ नहीं होने के साथ पाठ्यक्रमों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार अपडेशन और अपग्रेडेशन नहीं होना भी बड़ा कारण है। एमटेक में ज्यादातर शोध में रूचि रखने वाले या शिक्षण क्षेत्र में जाने वाले युवा ही प्रवेश ले रहे हैं।
एमटेक के विपरीत तकनीकी क्षेत्र में बढ़ती नौकरियों के कारण बीटेक करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले दशक में बीटेक करने वाले छात्रों की संख्या में तुलनात्मक रूप से कमी आई थी लेकिन अब स्थिति बदल रही है। सत्र 2017-18 में बीटेक में करीब 7.50 लाख की तुलना में 2023-24 में करीब 11.21 लाख विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया।
- एमटैक वालों को बीटैक की तुलना में ज्यादा लुभाने वाले वेतन नहीं
- पाठ्यक्रम में उद्योग की आवश्यकतानुसार अपग्रेड नहीं
- एमटैक में पर्याप्त फैकल्टी उपलब्ध नहीं
- पीएचडी के लिए एमटैक अनिवार्य नहीं
- एमटैक से ज्यादा मैनेजमेंट में रुझान
-एमटेक प्रवेश परीक्षा गेट के स्कोर पर पीएसयू में प्लेसमेंट
Published on:
18 Jan 2025 11:33 am
बड़ी खबरें
View Allशिक्षा
ट्रेंडिंग
