
हरियाणा सरकार का एक ऐलान प्राइमरी स्कूल स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के चेहरे खिला देगा। सरकार ने निर्णय लिया है कि प्राइमरी स्कूल के बच्चों के नन्हें कंधों पर स्कूल बैग का बोझ नहीं लादा जाएगा। हरियाणा के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने घोषणा करते हुए कहा - हमने निर्णय लिया है कि प्राइमरी स्कूल के स्टूडेंट्स को स्कूल बैग लाने की जरूरत नहीं है।

आपको बता दें कि देशभर में एजुकेशनलिस्ट लंबे समय से यह मांग करते रहे हैं कि स्कूल जाने वाले बच्चों के बैग्स का वजन कम किया जाए, साथ ही पहली और दूसरी क्लास के स्टूडेंट्स को होमवर्क न दिया जाए। इसके बाद कोर्ट ने राज्य सरकारों से यह सुनिश्चित करने को कहा था कि स्कूल बैग का वजन बच्चे के वजन के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए। यह ध्यान में रखा जाए कि स्कूल जाने वाले बच्चे वेटलिफ्टर्स नहीं है।

जस्टिस एन किरुबकरन ने तेलंगाना और महाराष्ट्र सरकार के ऑडर्स को रेफर करते हुए केंद्र को निर्देश दिए कि राज्य सरकारें भी चिल्ड्रन स्कूल बैग पॉलिसी को अपनाते हुए बच्चों के स्कूल बैग का वजन कम करवाने के लिए गाइडलाइंस जारी करें। शर्मा ने यह भी बताया कि 1 जुलाई हर ब्लॉक के दो स्कूलों को इंग्लिश-स्पीकिंग एजुकेशन इंस्टीट्यूशन में तब्दील किया जाएगा। इस आधार पर ब्लॉक लेवल पर 238 स्कूल्स को इंग्लिश स्पिीकिंग इंस्टीट्यूशंस बनाया जा सकेगा। राज्य में अब तक 418 स्कूल इंग्लिश स्पीकिंग हो चुके हैं।