
NEET UG: अगर आप भी वर्ष 2025 में नीट यूजी परीक्षा में शामिल होने वाले हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) नीट यूजी परीक्षा में कई बदलाव करने जा रहा है। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। नीट यूजी के अटेंप्ट को लिमिटेड करने की प्लानिंग चल रही है। बता दें, देश के टॉप मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए नीट यूजी परीक्षा में पास करना जरूरी है। हर साल लाखों की संख्या में छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं। भारत ही नहीं विदेशों में भी नीट क्वॉलिफाइंग मार्क्स के आधार पर दाखिला मिलता है। ऐसे में नीट यूजी (NEET UG Limited Attempt) में लिमिटेड अटेंप्ट का किया जाना छात्रों के लिए परेशानी का सबब है।
जेईई परीक्षा की तर्ज पर नीट यूजी परीक्षा में सीमित अटेंप्ट किए जाने की प्लानिंग चल रही है। इसके तहत छात्रों को नीट यूजी परीक्षा के लिए अधिकतम 4 मौके मिलेंगे। इससे छात्र गंभीरता से नीट यूजी परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे। अभी तक नीट यूजी परीक्षा में कोई लिमिटेशन नहीं था, जिस वजह से छात्र 7-8 बार तक ये परीक्षा देते थे। हालांकि, अब वो ऐसा नहीं कर पाएंगे। इससे छात्रों की संख्या में भारी गिरावट भी आ सकती है।
हाल ही में डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित एक विशेष समिति ने NEET UG परीक्षा में कई बड़े बदलावों की सिफारिश की है। समिति ने नीट यूजी परीक्षा में अटेंप्ट को सीमित करने की सिफारिश की है। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा में गंभीरता से तैयारी करने के लिए प्रेरित करना है।
इस वर्ष हुए पेपर लीक के बाद इस समिति का गठन किया गया। समिति ने सिफारिश की है कि परीक्षा का आयोजन ऑनलाइन मोड में ही किया जाए। इससे न केवल परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि डेटा सुरक्षा में भी सुधार होगा। अगर किसी कारणवश ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन नहीं हो पाया तो हाइब्रिड मोड अपनाने की सिफारिश की गई है। यही नहीं समिति ने यह भी सुझाव दिया कि नीट यूजी परीक्षा कई चरणों में आयोजित की जाए। इससे परीक्षार्थियों को बेहतर तैयारी करने का मौका मिलेगा। लेकिन अभी तक इन सिफारिशों को मंजूरी नहीं मिली है।
Updated on:
16 Nov 2024, 10:15 AM IST
Published on:
12 Nov 2024, 11:45 AM IST
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