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Paper Leak: पेपर लीक की अफवाह उड़ाना पड़ सकता है महंगा, जानिए इस कानून के बारे में

अभी कुछ दिनों पहले ही झारखंड लोक सेवा आयोग पीसीएस प्री परीक्षा हुई थी, जिसे लेकर अफवाह फैलाई गई कि पेपर लीक हो गया है। उम्मीदवारों ने इसे लेकर कड़ा विरोध भी जताया। हालांकि, बोर्ड्स ने साफ कर दिया है कि ये खबर झूठी है और पेपर लीक नहीं हुआ था।

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Paper Leak

परीक्षाओं का मौसम चल रहा है। स्कूल और बोर्ड्स परीक्षाओं के अलावा भी कई सारी परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में कभी न कभी पेपर लीक की खबरें भी सुनने में आती रहती हैं। कई बार ये खबरें सही होती हैं तो कई बार सिर्फ अफवाह। इस तरह की फेक खबरें इसलिए फैलाई जाती हैं ताकि जो विद्यार्थी संबंधित पीरक्षा दे रहे हैं, वो और उनके अभिभावक परेशान हों। कारण कोई भी हो लेकिन इससे छात्रों को काफी परेाशानी का सामना करना पड़ता है।


अभी कुछ दिनों पहले ही झारखंड लोक सेवा आयोग पीसीएस प्री परीक्षा हुई थी, जिसे लेकर अफवाह फैलाई गई कि पेपर लीक हो गया है। उम्मीदवारों ने इसे लेकर कड़ा विरोध भी जताया। हालांकि, बोर्ड्स ने साफ कर दिया है कि ये खबर झूठी है और पेपर लीक नहीं हुआ था।


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JPSC की ओर से कहा गया कि जिन लोगों ने झूठी पेपर लीक की खबर फैलाई है, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे लोगों पर झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा अधिनियम 2023 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस अधिनियम के तहत भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए एक्शन लिया जाता है।


ऐसे लोग जो प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल करते पकड़े गए उन्हें तीन साल की सजा होगी। इसके अलावा 5 लाख तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। पहले ये सजा अधिक वर्षों की थी, जिसे अब कम किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत परीक्षा एजेंसी, कर्मचारी द्वारा पेपर लीक, उनके परिवार या दोस्तों द्वारा पेपर लीक शामिल है। पहली बार पकड़े जाने पर छात्रों को एक साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना देना होता है। वहीं दूसरी बार पकड़े जाने पर 3 साल की सजा और 10 लाख का जुर्माना।