
PARENTS VIRTUALLY MEETING
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छात्र छात्राओं कों लेकर कितने चिंतित रहते है ये हाल ही में हुई बैठक के दौरान देखने को मिला, जब उन्होनें सीबीएसई कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा को रद्द करने की घोषणा करके छात्रों के सुरक्षित रहने की कामना की। बोर्ड परीक्षा के रद्द होने के बाद उन्होंने आज दोपहर छात्रों और उनके पैरेंट्स से परीक्षा के स्थगन को लेकर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से चर्चा के दौरान कहा कि उन्हें परीक्षाओं के बारे में कभी चिंता नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द करने का यह फैसला उनकी सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है।
पीएम ने छात्रों को बताया कि-“स्वास्थ्य ही धन है और वे शारीरिक तौर पर फिट रहने के लिए जो करना है वो करें”। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने छात्रों से परीक्षा के स्थगित किए जाने के बारे में बात करते हुए पूछा कि वे लोग अपने समय का उपयोग कैसे करेंगे? क्या वे टीवी पर आईपीएल देखेंगे, या चैंपियन लीग या फिर ओलंपिक का इंतजार करेंगे?
पीएम मोदी और छात्रों के बीच चर्चा
पीएम मोदी ने कहा कि इस स्तर पर छात्रों के दिमाग में करियर को लेकर कई बातें होती है। उन्होंने कहा कि जब छात्रों को यह पता चला कि परीक्षा नहीं होगी तब उन्होंने क्या सोचा? इसके जवाब में छात्रों ने बताया कि जैसे ही परीक्षा रद्द हो गई उनका तनाव खत्म हो गया।छात्रों ने कहा कि अब हम पूरा फोकस प्रतियोगी परीक्षाओं पर रहेगा जिसकी हम तैयारी करेंगे।
इसके बाद पीएम मोदी ने अभिभावकों से भी सवाल करते हुए पूछा कि बच्चों की परीक्षा रद्द होने के बाद अब कैसा लगा रहा है। इसके जवाब में एक अभिभावक ने कहा कि सरकार के द्वारा लिया गया यह फैसला सभा को अच्छा लगा क्योंकि कोरोना के बीच परीक्षा लेना परिवार के लिए एक बड़ी चिंता थी। केन्द्रीय विद्यालय नई दिल्ली की एक छात्रा मीनाक्षी ने कहा कि परीक्षा रद्द होने से कोरोना महामारी के दौरान उसे काफी राहत मिली है।
गौरतलब है कि 12वीं की परीक्षा रद्द होने के बाद छात्र और पैरेंट्स के बीच सीबीएसई ने एक बैठक बुलाई थी ताकि 12वीं के परीक्षा परिणाम के फॉर्मूले को लेकर सही निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके।
Updated on:
3 Jun 2021, 8:39 PM IST
Published on:
3 Jun 2021, 8:32 PM IST
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