
Ragging experience series 2018
Ragging experience series 2018 आज से शुरू हो रहा है रैगिंग एक्सपीरियंस सीरीज। इसके तहत पेश है पहला ऐसा वाकया, जो न बेहद दिलचस्प है, बल्कि हैरान करने वाला भी है। रैगिंग से जुड़ा ऐसा वाकया शायद ही आपने इससे पहले कभी सुना होगा। जब बात रैगिंग की होती है, तो इसके प्रति दिलचस्पी हर किसी की बढ़ जाती है। दरअसल, इससे जुड़े अनुभवों को हर कोर्ई जानना चाहता है। यकीनन, रैगिंग जहां शिष्टाचार का परिचायक है, वहीं इसका वीभत्स व डरावना रूप भी सामने आता रहा है। यहां हम जिस वाकये का जिक्र कर रहे हैं, यह वाकया यही कोई 9-10 साल पुराना है। ...आइए, जानते हैं-
मैंने जब कॉलेज में दाखिला लिया, उस मेरे जेहन में सिर्फ रैगिंग की ही तस्वीर घूमती थी। दरअसल, यह वह दौर था, जब विश्वविद्यालययों व कॉलेजों व हॉस्टलों में रैगिंग चरम पर था और रैगिंग के नाम पर कुछ भी गलत किया जाता था, ऐसे में मन में डर का आना स्वाभाविक था। मैंने कॉलेज जाना शुरू किया। रैगिंग शुरू हुई, लेकिन शुक्र है कि जिस तरह की मैंने कल्पना की थी, वैसा मेरे साथ कुछ नहीं हुआ। हालांकि, रैगिंग के नाम पर मैंने जो देखा, उसे मैं आज तक नहीं भूल पाया। जी हां, एक मामला ऐसा भी है, जिसके बारे में जानकर आपको बेहद अजीब लगेगा।
कॉलेज में राजेेश (परिवर्तित नाम) पहला दिन था। राजेश के लिए कॉलेज का पहला ही दिन अच्छा नहीं रहा। वो बेचारा कैंपस में कदम रखते ही सीनियर्स के चुंगल में फंस गया। सीनियर की टोली को सामने देख राजेश वहां से निकलने की भरसक कोशिश की, लेकिन निकल नहीं पाया। मुझे मेरे कई जानकर सीनियर्स ने बताया था कि जब कभी भी सीनियर्स के सामने आना, तब उनके सामने बड़े ही अदब से पेश आना। गलती से भी अकड़ मत दिखाना। राजेश को भी शायद यह बात पता थी, इसीलिए उसने जैसे ही सीनियर को सामने देखा, अदब के साथ झुककर नमस्ते किया। लेकिन उसके साथ ये हथकंडे में कुछ काम नहीं आए। सीनियर्स ने राजेश को अपने पास बुलाया। अब परिचय लिया जाने लगा। राजेश नर्वस था, मगर करता भी क्या? चुपचाप हां-ना में सिर हिलाकर वहीं खड़ा रहा और सीनियर द्वारा आगे के आदेश का इंतजार करने लगा।
कुछ देर बाद सामने से कॉलेज की कुछ लड़कियां अपने क्लास-रूम की तरफ जाती दिखीं। इतने में ही एक सीनियर ने कहा कि राजेश, ये जो लाल सूट वाली लड़की है, उसे जाकर प्रपोज कर दे। अब राजेश बड़ी मुसीबत में फंस गया और मन ही मन खुद को गालियां देने लगा। सबसे बड़ी बात तो यह थी कि राजेश को जिस लड़की को प्रपोज करने के लिए कहा गया था, वो बहुत सीनियर्स थी।
रैगिंग का इतिहास तो यह कहता है कि उसी बैच की लड़की के साथ मजाक या रैगिंग हो सकती है, लेकिन राजेश मुसीबत में फंस गया था। चूंकि, उसके पास प्रपोज करने के अलावा कोई और चारा नहीं था। न करता, तो शायद इससे भी बुरा उसके साथ...इसी डर के चलते वो प्रपोज करने के लिए लाल ड्रेस वाली लड़की की ओर बढ़ चला। सीनियर्स की नजरें राजेश और लड़की की ओर जा टिकीं। इस उम्मीद में कि राजेश को एकाध झापड़ तो पड़ेगी।
राजेश, लड़की के करीब पहुंचा...सिर नीचे झुकाकर निवेदन स्वरूप रुकने के लिए बोला। लड़की वहीं रुक गई। राजेश अब घुटने के बल जमीन पर था। हाथ जोड़कर लाल सूट वाली लड़की को प्रपोज करने लगा। लड़की ने राजेश के प्रपोज को स्वीकार कर लिया और राजेश के सामने शर्त रख दी कि इसके लिए बारात लेकर उसके पास आना होगा। इतना सुनकर राजेश सीनियर्स के पास लौट गया, जहां सारे सीनियर्स बैठकर इस मामले को अंजाम होते देख रहे थे। सीनियर्स ने राजेश पूछा- अरे, लड़की ने क्या कहा? राजेश ने लड़की की शर्त के बताई। सीनियर्स भी इस शर्त पर भौचक्का थे। उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा था कि अब वो आगे क्या करें। उधर राजेश अपने क्लास-रूम की तरफ जाने लगा, इतने में ही एक खुरापाती सीनियर ने कहा, बारात का इंतजाम करो और हम उसके हॉस्टल बोरात लेकर जाएंगे। ये आइडिया सभी सीनियर को अच्छा लगा और उन्होंने डिसाइड भी कर लिया। शादी की तारीख दो दिन बाद की निकली। बैंड बाजे का इंतजाम किया गया। घोड़ी वाले को बुलाया गया। राजेश को घोड़ी पर बिठाया गया। आज मेरे यार की शादी है की धुन पर नाचते-बाते सीनियर्स राजेश की बारात लेकर लड़की के हॉस्टल जा पहुंचे। लड़की ने जब ये माजरा देखा, तो शॉक्ड रह गई। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या करे। अब उस लड़की की शर्त ही उसके लिए मुसीबत खड़ी कर दी थी। उसने तो यूं मजाक में ही राजेश के सामने शर्त रखी थी। खैर, बारात हॉस्टल के बाहर खड़ी थी। बैंड बाजा बज रहा था...लड़के डांस करने में मशगूल थे। ठीक जिस तरह राजेश के पास अपने सीनियर्स की बात को टालने का कोई रास्ता नहीं था, वैसे ही लड़की के पास भी कोई विकल्प नहीं रहा इन्हें वापस भेजने का...ऐसे में लड़की ने इन सभी बारातियों से पीछा छुड़ाने के लिए हॉस्टल के गार्डन में सभी को बुलाकर उनका स्वागत किया और एक शानदार पार्टी का आयोजन किया। बाराती पार्टी लेकर अपने हॉस्टल को निकल गए, लेकिन सुबह जब दूसरे दिन राजेश कैंपस पहुंचा, तो शादी की बधाइयां देने का तांता लग गया। खैर, बाद में वो लड़की के पक्ष में आकर खड़ी हुई, जिसके चलते राजेश ने अपनी आगे की पढ़ाई कर पाया। कैम्पस में शादी का वो दिन मुझे आज भी याद है और यकीन के साथ कह सकता हूं कि इस वाकये से जुड़े कॉलेज के सभी साथियों को भी याद होगा।
Ragging news in hindi ,
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Published on:
25 Jun 2018 09:10 am
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